ज़रा सी देर होती तो छत्तीसगढ़ के कोरोना पेशेंट्स की जान पर बन आती-Corona patients of Chhattisgarh survived from being victim of fake Remedesvir supply racket

अगर इस खुलासे में ज़रा सी देर होती तो छत्तीसगढ़ भी इस चेन में आ जाता (सांकेतिक फोटो)

अगर इस खुलासे में ज़रा सी देर होती तो छत्तीसगढ़ भी इस चेन में आ जाता (सांकेतिक फोटो)

Jabalpur. अगर इस खुलासे में ज़रा सी देर होती तो छत्तीसगढ़ भी इस रैकेट का शिकार हो जाता. ना जाने कितने मरीजों की जान दांव पर लग जाती. जांच का विषय अब यह भी है कि रायपुर या छत्तीसगढ़ में क्या कोई अन्य दवा व्यापारी ने भी आदिनाथ डिस्पोजेबल से रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगवाए थे.

जबलपुर. कोरोना पेशेंट्स के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir injection) के नाम पर नकली माल सप्लाई मामले में न्यूज़ 18 बड़ा खुलासा कर रहा है. न्यूज़ 18 के हाथ लगे कुछ दस्तावेज बताते हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य के सैकड़ों कोरोना मरीज़ों की जान इस रैकेट में फंसते-फंसते रह गयी. वहां के एक व्यापारी ने इंजेक्शन्स की बड़े खेप इन काले कारोबारियों से मंगवायी थी. लेकिन माल पहुंच पाता उससे पहले ही इस नकली कारोबार का भांडा फोड़ हो गया. रायपुर स्थित डायमंड एजेंसी ने रेमडेसिविर के 200 इंजेक्शन खरीदने के लिए सूरत स्थित आदिनाथ डिस्पोज़ेबल को ऑर्डर दिया था. यह वही आदिनाथ डिस्पोज़ेबल कंपनी है जिसे कौशल वोरा संचालित करता था. और कौशल वोरा वही है जो देश भर में एक लाख नकली रेमडेसिविर इंजेक्शंस सप्लाई करने के इस रैकेट में मुख्य आरोपी के तौर पर उभरकर सामने आया है. 200 इंजेक्शन का ऑर्डर कौशल वोरा की सूरत स्थित फर्म को रायपुर के दवा व्यापारी ने रेमडेसिविर के 200 इंजेक्शन ऑर्डर किये थे. इसके लिए व्यापारी ने उसे पहली बार 4 लाख रुपये और दूसरी बार  2 लाख 80 हज़ार एडवांस राशि ई पेमेंट की ज़रिये भेज दी थी. लेकिन ये माल छत्तीसगढ़ पहुंच पाता उससे पहले ही 1 मई को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़ हो गया. पता चलते ही दवा व्यापारी ने अपनी और से एक कंप्लेंट थाने में दर्ज कराई.बच गए छत्तीसगढ़ के कोरोना पेशेंट्स न्यूज़ 18 के हाथ लगे दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि इस नकली माल के कारोबार में मध्यप्रदेश का गुजरात से कनेक्शन से है. अगर इस खुलासे में ज़रा सी देर होती तो छत्तीसगढ़ भी इस चेन में आ जाता और ना जाने कितने मरीजों की जान दांव पर लग जाती. जांच का विषय अब यह भी है कि रायपुर या छत्तीसगढ़ में क्या कोई अन्य दवा व्यापारी ने भी आदिनाथ डिस्पोजेबल से रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगवाए थे. यह वही आदिनाथ डिस्पोजेबल है जिसने देश भर में अनेक राज्यों में असली के नाम पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन सप्लाई किए हैं. ऐसे में अगर ये माल और भी जगह सप्लाई हुआ है तो मरीजों की जान से बड़ा खिलवाड़ हो सकता है. जांच का विषय ये भी है कि छत्तीसगढ़ और एमपी में और कौन लोग कौशल वोरा के इस नकली कारोबार को जानते थे या फिर उसमें शामिल थे.

ड्रग माफिया से सावधान न्यूज़ 18 इस खबर के माध्यम से सतर्क कर रहा है कि अगर आपको भी देसरम माइलन कंपनी का रेमडेसिविर लगाया जा रहा है तो एक बार उसकी जांच परख जरूर कर लें.






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