जाति प्रमाण पत्र विवाद में फंसी डॉ. ऋचा जोगी बोलीं- मेरे घर नहीं आया कोई नोटिस, सरकार कर रही है परेशान | raipur – News in Hindi

रायपुर. पूर्व विधायक (MLA) अमित जोगी की पत्नी डॉ. ऋचा जोगी (Dr. Richa Jogi) ने अपनी जाति और जाति प्रमाण (caste certificate) पत्र बनवाते दिये गये अपने पते को लेकर विवादों में हैं. क्योंकि राज्य सरकार उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के मूड़ में है. इलके लिए जिला कलेक्टर (Collector) ने उनका अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा है.

वहीं पूर्व विधायक अमित जोगी (Amit Jogi) और उनकी पत्नी डॉ. ऋचा जोगी का आरोप है कि आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र बनवाते समय हमारे द्वारा जो पात दिया गया था उस पर कोई नोटिस नहीं आया है. दोनों का आरोप है कि नोटिस जारी हुआ है या नहीं. इस बात की हमें कोई जानकारी नहीं है. पूर्व विधायक का आरोप है कि सरकार उनको और उनकी पत्नी को जानबूझ कर परेशान कर रही है. डॉ. ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध शिकायत की गई है, जिसके बाद प्रशासन की ओर से उनको नोटिस भेजकर पूंछताछ के लिए बुलाने की बात कही जा रही है.

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छत्तीसगढ़ डॉटकाम की खबर के अनुसार ऋचा जोशी का कहना है कि उनको प्रशासन की ओर से शिकायत की एक प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई है. इस मामले पर ऋचा जोगी ने कहा कि मैं अभी होमआइसोलेशन में हूं, इसलिए आज छानबीन समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हो पाउंगी. डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि मुंगेली कलेक्टर ने मुझे कोई नोटिस भेजा है इस बात की जानकारी भी मुझे समाचार पत्रों के माध्यम से मिली है. उन्होंने कहा मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है. राज्य सरकार द्वेष पूर्ण मेरे खिलाफ कार्रवाई कर रही है. नोटिस भेजना है तो मेरे घर में भेजें.

डॉ. ऋचा जोगी ने मुंगेली कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें नोटिस और उनके जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनको भी पता चले कि किस मामले में उनसे पूंछताछ होनी है. 24 सितम्बर 2020 को जारी किए गए नोटिफिकेशन के नियम 14 (1) के तहत राज्य सरकार को सात सदस्यीय जिला स्तरीय प्रमाण पत्र छानबीन समिति का गठन करना है. इस समिति का गठन अभी तक नहीं हुआ है. इसलिए जिला स्तरीय प्रमाण-पत्र छानबीन समिति और उसके द्वारा जारी किया गया तथाकथित नोटिस दोनों ही गैर कानूनी हैं.

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डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि वो हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं और अपने सभी दस्तावेजों की प्रति जिला छानबीन समिति को भेज रही हैं, जिन दस्तावेजों के तहत उन्हें कांग्रेस की इसी राज्य सरकार द्वारा यह जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया था. इन दस्तावेजों में परिवार वालों के जाति प्रमाण पत्र जिनके द्वारा उन्होंने सरकारी नौकरी की है, भूमि राजस्व रिकॉर्ड, वंश वृक्ष आदि शामिल हैं. यदि यह जाति प्रमाण पत्र गलत जारी हुआ है तो यह राज्य सरकार की पूर्ण रूप से अक्षमता को दर्शाता है.

डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि उन्हें मीडिया में घूम रहे 29 सितम्बर 2020 के नोटिस और उनके जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध दर्ज की गयी शिकायत की प्रति उनके जाति प्रमाण पत्र बनवाने के आवेदन के दर्ज पते पर उपलब्ध करवाई जाए. डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि नोटिस और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद जब भी छानबीन समिति उन्हें बुलाएगी वे सुनवाई में उपस्थित हो जाएंगी.




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