तेवर भी…तैयारी भी…गलवान में चीन से पीछे हटने में काम आई भारत की ये रणनीति! – India china standoff chinese forces retreat in galwan valley ajit doval diplomacy indian forces commitment works

  • लद्दाख जाकर पीएम मोदी ने चीन को दिया साफ संदेश
  • फॉरवर्ड पोस्ट पर फाइटर जेट्स की तैनाती एक इशारा

भारत-चीन के बीच कई हफ्ते से जारी तनातनी में कुछ नरमी के संकेत दिखे हैं. चीनी सेना अब गलवान घाटी से 1-2 किमी. पीछे हट गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ये सहमति बनी है. भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है. इसे सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए हैं. भारत की ओर से अजित डोभाल ही स्थाई प्रतिनिधि हैं, जिनकी बात अपने चीनी समकक्ष से हुई है.

चीनी सेना अगर पीछे हटी है तो इसके पीछे भारत के कई रणनीतिक-राजनीतिक और राजनयिक कदम जिम्मेदार हैं जो पिछले कई दिनों से निरंतर आगे बढ़ाए जा रहे थे. सिलसिलेवार देखें तो इसमें कई अहम फैक्टर शामिल हैं, मसलन भारत ने कैसे बॉर्डर पर फौज बढ़ाई, फाइटर प्लेन तैयार किए, चीन के खिलाफ दुनिया भर में माहौल बना, अमेरिका सहित कई देशों के बयान आए, खुद प्रधानमंत्री लद्दाख वहां गए. पहले आर्मी चीफ गए दूसरी तरफ वार्ता जारी रही. भरपूर उकसावे के बावजूद प्रधानमंत्री ने चीन का सीधा नाम नहीं लिया. इससे बातचीत की खिड़की खुली रही. कई ऐप बैन कर और चीनी कंपनियों के टेंडर निरस्त कर बताया कि भारत इस मामले में झुकेगा नहीं, नतीजा यह हुआ कि चीन को मामला आगे बढ़ाने में कोई फायदा नहीं दिखा.

पीएम का लद्दाख दौरा

अभी हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक सुबह में लद्दाख पहुंचे और सेना की हौसलाअफजाई की थी. लद्दाख से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को कड़ा संदेश दिया था. उन्होंने कहा था कि जमाना विस्तारवादी नहीं, विकासवादी नीति का है. प्रधानमंत्री ने बिना चीन का नाम लिए निशाना साधा. उन्होंने कहा था, हम कृष्ण की बांसुरी और सुदर्शन चक्र दोनों को आदर्श मानते हैं. पीएम मोदी ने लद्दाख में घायल जवानों का भी हाल लिया था.

पीएम ने जवानों का हौसला बढ़ाया था. उन्होंने कहा था कि आपके शौर्य और साहस को पूरी दुनिया ने देखा है. इसके साथ ही लेह में पीएम मोदी ने LAC के हालातों पर जानकारी ली थी. प्रधानमंत्री मोदी CDS जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के साथ लेह से आगे 11 हजार फीट की ऊंचाई वाले निमू तक गए. पीएम मोदी के दौरे का जो सार है वो राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की उन पंक्तियों में देखा गया जिन्हें खुद प्रधानमंत्री मोदी ने सुनाया.

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चीन पर ऐप्स की बड़ी मार

चीन के साथ बिगड़े रिश्ते के मद्देनजर भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया है. केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद जानकारों का मानना है कि इससे चीनी ऐप्स को संचालित करने वाली कंपनियों और खुद चीन को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है.

एक अंदाजे के मुताबिक अकेले टिकटॉक के बैन होने से ही कंपनी को 100 करोड़ रुपये की चपत लग सकती है. क्योंकि भारत में सिर्फ मार्च से मई 2020 के बीच 10 में से पांच सबसे ज़्यादा डाउनलोड होने वाली मोबाइल ऐप्स चीनी कंपनियों के ही हैं. इनमें टिकटॉक, जूम, Helo, Uvideo और यूसी ब्राउजर वो ऐप्स हैं, जिन्हें लाखों करोड़ों भारतीयों ने अपना रखा है. हालांकि इनमें से कुछ ऐप्स अभी भी इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं.

आर्थिक मोर्चे पर झटका

चीन को भारत आर्थिक मोर्चे पर लगातार झटके दे रहा है. अब भारत सभी हाइवे प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों को बैन करने की तैयारी कर रहा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी है. चीनी कंपनियों को संयुक्त उद्यम पार्टनर (JV) के रूप में भी काम नहीं करने दिया जाएगा. गौरतलब है कि इसके पहले रेलवे के कई ठेकों से चीनी कंपनियों को बाहर कर दिया गया था. गौरतलब है कि फिलहाल देश के कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियां साझेदार के रूप में काम कर रही हैं. गडकरी ने कहा है कि नया निर्णय मौजूदा और भविष्य के सभी प्रोजेक्ट्स के लिए लागू होगा.

लद्दाख में सेना की मौजूदगी बढ़ी

चीन से तनातनी के बीच भारतीय सेना ने लद्दाख में अपनी मौजूदगी दोगुना बढ़ाई है. भारत को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि चीन की सेना इस इलाके में वास्तविक स्थिति को बदलने की फिराक में है. सुरक्षा एजेंसियों की अलग-अलग समीक्षाओं में यह बात सामने आ चुकी है. सेना ने पूरे लद्दाख इलाके में 40 से 45 हजार जवानों की तैनाती की है. पहले यह तादाद 20 से 24 हजार हुआ करती थी. इसके अलावा भारतीय जमीन की सुरक्षा में भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों की भी मौजूदगी बढ़ाई गई है. एक अधिकारी ने आजतक/इंडिया टुडे को बताया कि चीनी सैनिकों की संख्या भारत से कम है और यह तादाद तकरीबन 30-35 हजार के आसपास है.

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बॉर्डर पर फाइटर जेट्स

चीन की सरहद से सटे वायुसेना के फॉरवर्ड एयर बेस पर जबरदस्त हलचल है और वायुसेना के लड़ाकू विमान लगातार यहां गश्त लगा रहे हैं. विमानों से सैनिकों और सामान को लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में भेजा जा रहा है. बालाकोट एयर स्ट्राइक में अहम भूमिका निभाने वाले मिग 29 विमान, अपाचे और चिनूक हेलिकॉप्टर भी यहां तैनात किए गए हैं. वायुसेना के इस फॉरवर्ड एयर बेस से चीन पर नजर रखने के लिए मल्टी रोल कॉम्बैट, मिराज-2000, सुखोई-30 और जगुआर की भी तैनाती की गई है. ये सभी लड़ाकू विमान हथियारों से लैस होकर इलाके की निगरानी कर रहे हैं.

अमेरिका की दोस्ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिका के 244वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां की जनता को बधाई दी. पीएम मोदी के इस बधाई संदेश पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिप्लाई में कहा कि शुक्रिया मेरे दोस्त… अमेरिका, भारत से प्यार करता है. दोनों नेताओं के इस संवाद से चीन की बेचैनी बढ़ सकती है. भारत के खिलाफ चीन की विस्तारवादी नीतियों की अमेरिकी सीनेटर कड़े शब्दों में आलोचना कर रहे हैं.

अमेरिका के एक सीनेटर ने कहा कि चीन कभी भी अंतरराष्ट्रीय समझौतों में यकीन नहीं करता है. दूसरी ओर, रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि अमेरिका, चीन के खिलाफ भारत का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि चीन को लगता है कि वो तभी पावरफुल हो सकता है जब अमेरिका और भारत कमजोर होंगे.

ये ऐसे कई फैक्टर हैं, जिसका असर भारत-चीन सीमा पर जारी तनावों को कम करने में देखा गया. प्रधानमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि गलवान घाटी हमारी है. इसलिए चीन को यह स्पष्ट संकेत है कि उसके पास पीछे जाने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है. दूसरी ओर सेना ने थल, जल और नभ तक में चीन पर अपनी पैनी निगाह लगाकर संकेत दे दिया कि वे अपनी मातृभूमि के एक-एक इंच की हिफाजत करेंगे, चाहे इसके लिए जितनी भी कुर्बानी देनी पड़े.

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