दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक शक्तिपीठ मां पीतांबरा मंदिर में कल से शुरू हो रहे नवरात्र पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर के सभी द्वारों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। नवरात्र के पहले दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।चारों मुख्य द्वार रहेंगे खुलेनवरात्र के दौरान देवी भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर के चारों मुख्य द्वार खोले जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को प्रवेश और निकासी में परेशानी न हो। मंदिर प्रांगण में बैरिकेडिंग की गई है, जिसमें कतारबद्ध होकर श्रद्धालु देवी बगलामुखी के दर्शन कर सकेंगे। इससे भीड़ को नियंत्रित रखने और दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।180 जवानों की तैनातीसुरक्षा की दृष्टि से दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने पीतांबरा मंदिर परिसर में लगभग 180 जवानों की तैनाती की है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी रखेगा, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर माता के दर्शन कर सकें।पहले दिन 50 हजार भक्तों के आने की संभावनामंदिर के सह-व्यवस्थापक के अनुसार नवरात्र के प्रथम दिन मंदिर में लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी अनुमान के आधार पर दर्शन, कतार और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त मां पीतांबरा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं।साधकों के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्थापीतांबरा पीठ में नवरात्र के नौ दिनों तक साधना करने के लिए बाहर से बड़ी संख्या में साधक पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन ने इन साधकों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की है। इसके साथ ही पीतांबरा ट्रस्ट द्वारा संचालित रसोई में साधकों के लिए उत्तम भोजन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें साधना के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।सेवादारों में उत्साहनवरात्र को लेकर मंदिर के सेवादारों में भी खासा उत्साह है। पर्व की तैयारियों में जुटे सेवादार मंदिर की साज-सज्जा, साफ-सफाई और दर्शन व्यवस्था में लगे नजर आए। मंदिर ट्रस्ट के सहायक व्यवस्थापक अजय कुमार गुप्ता ने भी व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी दी।आस्था का बड़ा केंद्रदतिया का पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख तांत्रिक शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहां मां बगलामुखी की आराधना के लिए सालभर श्रद्धालु आते हैं, लेकिन नवरात्र के दिनों में यहां आस्था का विशेष सैलाब उमड़ता है। कल घट स्थापना के साथ ही मंदिर में जयकारे गूंजेंगे और नौ दिनों तक पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा।