दिल्ली के चांदनी चौक के तर्ज पर रायपुर के गोल बाजार की बदलेगी सूरत, जानें क्या होगा खास

100 साल से भी पूराने इस बाजार की सूरत बदलने की भी कोशिश की जा रही .

100 साल से भी पूराने इस बाजार की सूरत बदलने की भी कोशिश की जा रही .

महापौर एजाज ढेबर (Mayor Ejaz Dhebar) का कहना है कि दिल्ली के पालिका बाजार और चांदनी चौक को व्यवस्थित करने वाली कंपनी को गोल बाजार का टेंडर दिया जा रहा है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) के सबसे पुराने गोल बाजार (Round Market) की सूरत बदलने की तैयारी चल रही है. स्मार्ट मार्केट के साथ ड्रेनेज सिस्टम और सौंदर्यीकरण (Beautification) की योजना तैयार की जा रही है. साथ ही व्यापारियों को मालिकाना हक देने की भी कवायद की जाएगी. लेकिन अब भी व्यापारियों के साथ नगर निगम सामन्जस्य नहीं बना पाया है. इसके चलते थोड़ी मुश्किलें आ रही हैं.

दरअसल, राजधानी के गोल बाजार को स्मार्ट मार्केट के रूप में तैयार करने के लिए सर्वे का काम शुरू हो चुका है. सोमवार को महापौर एजाज ढेबर ने निगम अधिकारियों के साथ गोल बाजार का निरीक्षण किया. बताया जा रहा है कि सभी दुकानों का सर्वे कर निगम के पास मौजूद रिकॉर्ड और बाजार में काबिज दुकानदारों की लिस्टिंग की जाएगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी. फिर काम शुरू किया जाएगा. भले ही नगर निगम ने इसका ड्राइंग डिज़ाइन और रूपरेखा तैयार कर ली हो लेकिन यहां के व्यापारियों को अब तक इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है.

सूरत बदलने की भी कोशिश की जा रही है

इधर महापौर एजाज ढेबर का कहना है कि दिल्ली के पालिका बाजार और चांदनी चौक को व्यवस्थित करने वाली कंपनी को गोल बाजार का टेंडर दिया जा रहा है. और ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि व्यापारियों को दिक्कत न हो. हांलाकि, व्यापारियों से चर्चा को लेकर महापौर का कहना है कि सभी व्यापारियों से कई दफे चर्चा की गयी है और उन्हें मालिकाना हक देने के लिए ये पूरी कवायद की जा रही है. साथ ही 100 साल से भी पूराने इस बाजार की सूरत बदलने की भी कोशिश की जा रही है.निगम की ये योजना भी खटाई में पड़ जाए
बता दें कि रायपुर का गोल बाजार शहर का इतिहास भी अपने में समेटे हुए है. जन्म से लेकर मृत्यू तक का सामान राजधानी के इस बाजार में मिलता है. और आजादी के पहले से चल रहे इस बाजार में अगर बदलाव की कोशिश की जाती है तो यहां के व्यापारियों की पूरी सहमति नहीं ली जाती तो हो सकता है निगम की ये योजना भी खटाई में पड़ जाए.




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