- दिल्ली की नाकाम स्वास्थ्य व्यवस्था की गवाही देते वीडियो मौजूद हैं- बीजेपी
- जीबी पंत अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर बंद, पीपीई किट की कमी- मीनाक्षी लेखी
दिल्ली में कोविड-19 के मामले बढ़ते जा रहे हैं तो वहीं बीजेपी लगातार केजरीवाल सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. नई दिल्ली से सांसद और बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की और इसके लिए सीधे केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार बताया.
मीनाक्षी लेखी ने पहले तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. इसके साथ ही कहा, संक्रमण मामलों की कुल संख्या के अनुसार अब दिल्ली तीसरे नंबर पर है और रिकवरी रेट भी दिल्ली में सबसे कम है. सोशल मीडिया पर दिल्ली सरकार की नाकाम स्वास्थ्य व्यवस्था की गवाही देते कई वीडियो मौजूद हैं.
लेखी ने कहा, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि समय पर बेड न मिलने के अभाव में लोगों की मृत्यु हो गई है, टेस्टिंग नहीं हो रही है. कई बच्चे अपने माता-पिता के इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं. यह हमारा कर्तव्य है कि हम दिल्ली सरकार को उनकी कमियों को बताएं ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके.
कोविड-19 मरीजों के आंकड़ों में भी हेरफेर की गई: बीजेपी
बीजेपी नेता ने दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक पर सवाल उठाए. मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘केजरीवाल सरकार द्वारा किया गया सबसे बड़ा धोखा है मोहल्ला क्लीनिक. प्राथमिक चिकित्सा सुविधा देने के उद्देश्य के साथ खोले गए मोहल्ला क्लीनिक आज जरूरत के समय में बंद पड़े हैं. 90 से ज्यादा मेटरनिटी सेंटर भी बंद हो चुके हैं. दिल्ली में मेडिकल लेक्चरर की कमी है, जीबी पंत अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर बंद हैं, पीपीई किट की कमी है, ऐसे तमाम कमियों से दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था जूझ रही है.’
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लेखी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि हमने मुख्यमंत्री केजरीवाल से दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे सामुदायिक और टेस्टिंग के सेंटरों की लिस्ट मांगी थी जो आज तक नहीं दी गई. टीम वर्क के नाम पर मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा खानापूर्ति करने के लिए एक बैठक की गई जो बस दिखावे के लिए थी.
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मीनाक्षी ने लेखी ने कहा, ‘जब दिल्ली में 100 से कम मामले थे तभी अगर ट्रैकिंग और ट्रेसिंग की गई होती तो आज हालात कुछ और होते. आंकड़ों में तबलीगी जमात के लिए बने कॉलम को स्पेशल ग्रुप में बदल दिया गया फिर उसे सभी आंकड़ों के साथ मिला दिया गया और कोविड-19 मरीजों के आंकड़ों में भी हेरफेर की गई.’
कई अस्पतालों के पास सिर्फ 70 वेंटिलेटर
बीजेपी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने 2 दिन लगातार समान टेस्टिंग के आंकड़ों को सामने रखते हुए बताया कि केजरीवाल सरकार ने टेस्टिंग को लेकर भी लगातार झूठ बोले. यहां आंकड़े तभी समान हो सकते हैं जब या तो कोई टेस्टिंग नहीं की गई या फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. दिल्ली के अस्पतालों की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने की जगह सिर्फ विज्ञापन ही दिए जा रहे हैं. दिल्ली में कई अस्पताल हैं, जो प्रतिदिन दो हजार से ज्यादा मरीजों को देखते हैं लेकिन उनके पास लगभग 70 वेंटिलेटर ही उपलब्ध हैं.
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बीजेपी नेता ने कहा, ‘अस्पतालों की व्यवस्था ठीक करने के बजाय दिल्ली सरकार उन अस्पतालों को धमका रही है जो निरंतर दिल्ली के लोगों की जान बचाने में लगे हुए हैं. इलाज या टेस्टिंग प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर डॉक्टर, लैब या मेडिकल संस्थानों के ऊपर किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने का अधिकार आईसीएमआर को है, न कि अरविंद केजरीवाल, राघव चड्ढा या सत्येंद्र जैन को, जिन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए कुछ भी नहीं किया. अपनी कमियों को छुपाने के लिए केजरीवाल सरकार दूसरों के ऊपर दोष डालने में माहिर है.’

