- दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा जरूरी
- कंटेनमेंट जोन में नहीं खोली जा सकेंगी दुकानें
दिल्ली सरकार स्टैंड-अलोन दुकानों को खोलने की इजाजत देने की तैयारी कर रही है. दुकानों को खोलने पर गृह मंत्रालय की ओर से जो भी गाइडलाइन जारी की गई है, दिल्ली सरकार उसी हिसाब से काम करेगी. दुकानों पर आए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन किया जाएगा. दिल्ली सरकार कंटेनमेंट जोन में किसी भी तरह की ढील नहीं देगी.
हॉटस्पॉट और कोरोना प्रभावित इलाकों में पूरी तरह से सीलबंदी लागू रहेगी, किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. दरअसल केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन के बीच शुक्रवार को आदेश जारी कर कहा था कि देश में तमाम दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की इजाजत दे दी गई है.
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दुकानों में सिर्फ पचास फीसदी स्टाफ ही काम कर सकेगा. गौरतलब है कि लॉकडाउन की वजह से सभी तरह दुकानें बंद हो गई थीं. सिर्फ जरूरी सामान जैसे सब्जी, फल, दवाई और किराना की दुकानों को ही खोलने की इजाजत दी गई थी.
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सशर्त खोली जा रही हैं दुकानें
गृह मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने केवल आवासीय कॉलोनियों के नजदीक बनी दुकानों और स्टैंड-अलोन दुकानों को खोलने की इजाजत दे दी है जो नगर निगमों और नगर पालिकाओं की सीमा के भीतर आती हों. लेकिन इस इजाजत के साथ गृह मंत्रालय ने कुछ शर्तें भी लागू की हैं.
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रजिस्टर्ड दुकानों को ही खोले जाने की मिलेगी अनुमति
गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक सभी दुकानें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड होनीं जरूरी हैं. दुकानों में सिर्फ 50 फीसदी स्टाफ ही काम कर सकेगा. काम के दौरान स्टाफ का मास्क लगाना अनिवार्य होगा. स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी जरूरी होगा.