मॉस्को: रूस (Russia) ने दुनिया में सबसे पहले जानवरों के लिए कोरोना वैक्सीन Carnivac-Cov की 17,000 डोज बना ली हैं. रूस ने जानवरों के लिए बनी इस दवा का मार्च में फाइनल ट्रायल किया था. जिसमें पता चला था कि इस वैक्सीन की डोज लेने के बाद कुत्ते, बिल्ली, लोमड़ी और बंदरों में एंटी-बॉडीज बन गई थी. इस ट्रायल में सफल होने के बाद रूस ने इस वैक्सीन को उत्पादन के लिए रजिस्टर्ड कर लिया है.
जानवरों के लिए दुनिया की पहली वैक्सीन
रूस के ड्रग कंट्रोल Rosselkhoznadzor के मुताबिक जानवरों के लिए बनी दुनिया की इस पहली वैक्सीन Carnivac-Cov को जल्द ही देश के विभिन्न इलाकों में वैक्सीनेशन के लिए भेजा जाएगा. रूस के ड्रग कंट्रोलर ने कहा है कि कजाकिस्तान, तजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड. दक्षिण कोरिया, लेबनान, ईरान और अर्जेंटीना ने इस वैक्सीन में अपनी दिलचस्पी दिखाई है.
बताते चलें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इंसान और जानवरों के बीच कोविड (Coronavirus) ट्रांसमिशन की आशंका पर गहरी चिंता जताई है. रूस के ड्रग कंट्रोलर ने दावा किया कि यह वैक्सीन लुप्त होती प्रजातियों को कोरोना से बचाने और उनमें प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करेगी. ड्रग कंट्रोलर ने कहा कि करीब 20 कंपनियां अपने देश में इस वैक्सीन की सप्लाई के लिए उनसे बात कर रही हैं. इनमें यूरोपियन यूनियन भी शामिल हैं.
डेनमार्क ने 17 मिलियन भेड़ मार दी थी
बताते चलें कि डेनमार्क ने पिछले साल कुछ भेड़ों को कोरोना (Coronavirus) संक्रमित पाए जाने के बाद अपने देश में 17 लाख भेड़ों को मार दिया था. उसे शक था कि यह वायरस भेड़ों के जरिए दोबारा इंसानों में पहुंचेगा, जिसके बाद इससे निपट पाना मुश्किल हो जाएगा. रूस के ड्रग कंट्रोल Rosselkhoznadzor ने कहा कि उसकी फर इंडस्ट्री भी बड़ी मात्रा में यह वैक्सीन लेने की प्लानिंग कर रही है. इन वैक्सीन को रूस की भेड़ों को लगाया जाएगा.
स्पूतनिक वी (Sputnik V) वैक्सीन बनाने वाले रूसी इंस्टिटयूट के हेड Alexander Gintsburg ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि इंसानों के बाद अब जानवरों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने वाले हैं. इससे दुनियाभर में बड़ी तादाद में जंगली और पालतू जानवरों की मौतें होंगी.
वैक्सीन के बाद जानवरों में बनी एंटी-बॉडी
रूस (Russia) के कई वैज्ञानिकों का कहना है कि कुत्तों और बिल्लियों में संक्रमण के मामले कम ही रहेंगे. अगर ये जानवर संक्रमित हुए भी तो उनके लक्षण बहुत हल्के रहेंगे और उनसे इंसानों में दोबारा संक्रमण का खतरा काफी कम रहेगा. वहीं जानवरों पर वैक्सीन का ट्रायल करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्टूबर में यह ट्रायल शुरू किया था. जिसके बाद जानवरों के इम्यून सिस्टम में पॉजिटिव बदलाव देखा गया है. फिलहाल इस मामले में और स्टडी की जा रही है.
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बताते चलें कि रूस (Russia) ने इंसानों के लिए तीन कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली हैं. इनमें सबसे चर्चित वैक्सीन स्पूतनिक वी (Sputnik V) है. इसके अलावा बाकी दो वैक्सीनों के नाम EpiVacCorona और CoviVac हैं.
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