- कोरोना की मौजूदा स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
- प्रति 10 लाख जनसंख्या के हिसाब से आज 538 केस है, 15 मौतें: स्वास्थ्य मंत्रालय
देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति को लेकर गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मंत्रालय ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश हैं. इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद हमने कोरोना पर संतोषजनक काम किया है. जनसंख्या के हिसाब से देखें तो कोरोना को लेकर हम दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सबसे नीचे हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्रति 10 लाख जनसंख्या के हिसाब से आज 538 केस है. जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए कई देशों में तो केस भारत से 16-17 गुना ज्यादा हैं. मृत्यु दर भी भारत में कम है.
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मंत्रालय ने कहा कि देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 15 मौतें हैं. वहीं, कुछ ऐसे देश हैं जहां ये हमसे 40 गुना ज्यादा है. भारत में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. आज देश में कोरोना के 269000 एक्टिव केस हैं, जबकि 476378 लोग ठीक हो चुके हैं. कोरोना से 15 से 29 साल के उम्र के लोगों की मौत की बात करें तो ये सिर्फ 3 फीसदी है. जबकि 30 से 44 साल की उम्र में मौतें 11 फीसदी हुई हैं.
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स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि आयु वर्ग 60 से 74 वर्ष वाले ज्यादा मारे गए हैं. 45 से 75 साल वाले ज्यादा चपेट में आए और इसी वर्ग में मरने वालों की संख्या भी रही है.
वहीं, ICMR ने कहा कि देश में लैब्स की संख्या बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं. इस समय देश में 1132 लैब ऑपरेशन हैं. कई लैब पाइपलाइन में हैं. ICMR की ओर से कहा कि हर दिन औसतन 2.6 लाख टेस्टिंग हो रही है. एंटीजन टेस्ट के इस्तेमाल के जरिए हम टेस्टिंग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
ICMR की निवेदिता गुप्ता ने कहा कि आईसीएमआर टेस्टिंग की क्षमता की क्षमता बढ़ा रहा है. RTPCR टेस्ट के अलावा ट्रूनैट और सीबीनाट टेस्टिंग भी शुरू है.
दिल्ली में अब तक 6,79,831 टेस्ट किए गए
गृह मंत्रालय ने दिल्ली में कोरोना की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी में 8 जुलाई तक 6,79,831 टेस्ट किए जा चुके हैं. 10 लाख की आबादी पर 35,780 टेस्ट किए जा रहे हैं. हर दिन लगभग 20,000 टेस्ट किए जा रहे हैं.
वहीं, देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कम्युनिटी ट्रांसमिशन की कोई मानक परिभाषा नहीं तय की है. उन्होंने सदस्य देशों को स्थानीय परिस्थितियों का आकलन करने के बाद रिपोर्ट करने का अधिकार दिया है.
कोरोना वैक्सीन के लिए 15 अगस्त तक की समयसीमा तय करने वाले ICMR डीजी के पत्र पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफाई दी है. मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पत्र में सेफ्टी से समझौता ना करते हुए केवल क्लीनिकल ट्रायल तेज करने की बात कही गई है. कोरोना वायरस के हवा से फैलने की रिपोर्ट पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह उबरती हुई परिस्थिति , इस मामले में WHO से आ रही जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं.