पीएल पुनिया ने केंद्र पर कई आरोप लगाए हैं. (File)
पीएल पुनिया ने प्रवासी मजदूरों की सड़क दुर्घटना में पर मौत कहा कि बिना काम के डेढ़ महीने रह रहे मजदूरों को मकान मालिकों ने निकल दिया. खाने रहने की जगह नहीं है, तो क्या करते मजदूर.
पुनिया ने सवाल करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार क्या छत्तीसगढ़ के बराबर हैं. उन्होंने बताया कि यहां तक कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेल मंत्री के आरोपों का खुद खंडन किया है. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने रेलवे से 30 गाड़ियों की मांग की है, एक करोड़ से ज्यादा पैसा 14 ट्रेनों का जमा कर चुके हैं. अभी तक सिर्फ 7 गाड़ियां प्रवासी मजदूरों को लेकर आई हैं. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से बाहर लोग बहुत कम गए हैं, बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ का मुकाबला करके रेलवे बदनाम करने का प्रयास है.
पुनिया ने लगाया आरोप
पीएल पुनिया ने प्रवासी मजदूरों की सड़क दुर्घटना में पर मौत कहा कि बिना काम के डेढ़ महीने रह रहे मजदूरों को मकान मालिकों ने निकल दिया. खाने रहने की जगह नहीं है, तो क्या करते मजदूर. केंद्र सरकार ने परिवहन व्यवस्था करने के निर्देश दिए. मजदूरों की बेबसी देखिए, सीमा पर राज्य सरकार डंडे बरसा रही है.हाईवे पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं. मध्य प्रदेश के गुना, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बाराबांकी और आज औरैया में सड़क हादसे के शिकार 24 मजदूर हुए हैं. सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की, इसलिए मजदूर पैदल सैकड़ों किलोमीटर घर जाने को मजबूर हैं. गृह मंत्रालय ने आदेश भी दिए, हाइवे पर पैदल जाने वालों के लिए परिवहन की व्यवस्था राज्य करें. राज्य सरकार मजदूरों के प्रति सहानभूति रखे और जुल्म न करें.
केंद्र पर साधा निशाना
कांग्रेस ने पीएल पुनिया केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि 20 लाख करोड़ पैकेज दिया है. तीन दिन से वित्तीय मंत्री इसके बारे बता रहीं हैं. उन्होंने कहा कि घोषणाओ में कोई नया कदम नहीं है जिससे लोगों के हाथ में पैसा आए. लोन दिया जा रहा वो भी बिना गारंटी. उन्होंने कहा कि बैंक खुद ICU में है. केंद्र सरकार से पैकेज मांग रहे हैं. केंद्र ने अपना पैकेज लागू करने के लिए बैंकों पर ही जिम्मेदारी डाल दी है. केंद्र को इस तरह मजाक नहीं उड़ाना चाहिए.
आज बाजार में जरूरत मांग बनाने की है, मगर लोगों के पास पैसा नहीं खरीदे कैसे. आर्थिक विशेषज्ञों ने लोगों के हाथों में सीधे पैसे देने की सलाह दी है. 50 फीसदी जनसंख्या को पैसा मिलेगा तो बाजार में मांग बढ़ेगी और उद्योग चलने लगेंगे. उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार सिर्फ पुरानी योजनाओं को गिनाने में लगी है. बजट में चर्चा इन पर हुई है, वन नेशन वन राशन के बारे रामविला सपासवान बता चुके हैं इसको भी दोबारा नया बताया जा रहा है. लोन देने के अलावा केंद्र क्या कर रही है. 5 किलो अनाज देने की घोषणा भी पूर्व में हो चुकी है. बैंकों से दरियादिली दिखकर लोन देने की बात कर रहे है, बैंक के पास भी कहां है पैसा देने के लिए.
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First published: May 16, 2020, 5:23 PM IST


