पैरालिसिस अटैक से TV एक्ट्रेस Nishi Singh Bhadli की हुई मौत, जाने क्या है ये बीमारी और इससे बचाव के उपाय – television actress nishi singh bhadli died due to paralysis attack know what is the disease and how to prevent it

इश्कबाज़, क़ुबूल है और तेनाली रामा जैसे शो में दिखाई देने वाली अभिनेत्री निशि सिंह भदली (Nishi Singh Bhadli) का रविवार को 50 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले चार सालों से पैरालिसिस के तीन स्ट्रोक और इसके वजह से होने वाली समस्याओं से जुझ रहीं थी। उनके परिवार में पति, लेखक-अभिनेता संजय सिंह भदली और उनके दो बच्चे हैं।

इकोनॉमिक्स टाइम्स से बात करते हुए निशि सिंह के पति संजय सिंह भदली ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे निशि का निधन हो गया। उन्होंने कहा कि इस साल मई में उन्हें पैरालिसिस का तीसरा दौरा पड़ने के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। गले में इंफेक्शन के कारण निशि खाना भी सही से नहीं खा पाती थीं। वह अपने बच्चों को भी नहीं पहचान पाती थीं।

पैरालिसिस का अटैक क्यों आता है? पैरालिसिस के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें न्यूरोलॉजिकल, कोई ऐसी दुर्घटना जिसमें रीढ़ की हड्डी चोटग्रस्त हो गई हो या कुछ इंटरनल बायोलॉजिकल डिफॉर्मेशन की समस्या हो। पैरालिसिस अटैक क्या होता है से लेकर इससे बचाव संबंधित सभी जानकारी आज हम शेयर कर रहें जो आपको इस गंभीर बीमारी से बचाने में मदद कर सकता है।

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​पैरालिसिस अटैक के कारण

बहुत से लोग जन्म से ही पैरालाइज्ड होते हैं और कुछ को चिकित्सकीय समस्या या दुर्घटना के कारण इसका का सामना करना पड़ता है। कुछ अन्य जिसके कारण यह समस्या होती है उनमें शामिल है।

  • सेलिब्रल पाल्सी
  • पोस्ट-पोलियो सिंड्रोम
  • रीढ़ की हड्डी में चोट
  • स्ट्रोक
  • न्यूरोफाइब्रोमैटॉसिस
  • मस्तिष्क की चोट
  • पार्किंसंस रोग
  • बोटुलिज़्म

​पैरालिसिस अटैक के लक्षण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यदि आपको लकवा या पैरालिसिस अटैक आता है, तो आप शरीर के प्रभावित हिस्सों को आंशिक रूप से या पूरी तरह से हिलाने में असमर्थ होंगे। कुछ चिकित्सीय स्थितियां भी धीरे-धीरे पैरालिसिस का कारण बन सकती हैं। ऐसा होने पर आप इन लक्षणों को महसूस कर सकते हैं।

  • भावना और मांसपेशियों पर कंट्रोल न रहना
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • अंगों में झुनझुनी या सुन्नता।

​कैसे किया जाता है पैरालिसिस का निदान

कई बार इसका निदान करना अक्सर आसान होता है क्योंकि आप अपनी मांसपेशियों पर पूरी तरह या आंशिक रूप से नियंत्रण खो देंते है। आंतरिक शरीर के अंग के लिए इसकी पहचान करने के लिए डॉक्टर एक्स-रे, एमआरआई स्कैन, सीटी स्कैन, मायलोग्राफी, इलेक्ट्रोमोग्राफी अन्य इमेजिंग टेस्ट का उपयोग करते हैं।

​कैसे करें पैरालिसिस अटैक से बचाव

पैरालिसिसि अटैक के बचाव के लिए व्यक्ति को संतुलित आहार का सेवन करना जरूरी होता है। इसके साथ ही सक्रिय रहना, दिन में कम से कम 30 मिनट के लिए कुछ व्यायाम करने की जरूरत होती है। यह आपके रक्तचाप, हृदय, कोलेस्ट्रॉल और शरीर के वजन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और शरीर मे ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखता है। इसके अलावा धूम्रपान और शराब से परहेज आपको पैरालिसिस और इससे संबंधित दुष्प्रभावों से बचा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


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