फैक्ट चेक: प्रार्थना करते इस वीडियो का निजामुद्दीन मरकज और कोरोना वायरस से नहीं है कोई संबंध – Fact check coronavirus nizamuddin markaz sneezing spread covid 19 social media viral post

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में मार्च में तबलीगी जमात का एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था. पिछले दिनों उस कार्यक्रम में शामिल हुए कुछ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. इसके बाद से ही सरकार इस कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों को ढूंढ कर स्कैन करने में लगी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में कुछ लोग घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं.

दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के निमाजुद्दीन इलाके में ये लोग जान बूझकर कोरोना वायरस फैलाने के लिए छींक रहे हैं. 13 से 15 मार्च के बीच आयोजित हुए इस इवेंट में अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हुए थे.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो कई महीनों से इंटरनेट पर मौजूद है. हमें फेसबुक यूजर “Ridouan Soumaa” की पोस्ट मिली. उन्होंने 29 जनवरी 2020 को यह वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया था.

यह वीडियो इससे पहले पाकिस्तान में कोरोना वायरस की शुरुआत के तौर पर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. यूट्यूब चैनल “sahibg official” पर यह वीडियो 31 जनवरी, 2020 को अपलोड किया गया था जिसके साथ कैप्शन में लिखा था- ‘कोरोना वायरस का पाकिस्तान में हमला’

वायरल वीडियो में लोग जिकिर/धिकर कर रहे हैं. यह इबादत करने का सूफी तरीका है, आमतौर पर सूफिज्म में ऐसा किया जाता है. लोग जिकिर में बार-बार एक ही प्रार्थना पढ़ते हैं.

वायरल वीडियो कब और कहां शूट किया गया है, फिलहाल यह कहना मुश्किल है. लेकिन इतना साफ है कि इस वीडियो का दिल्ली निजामुद्दीन या कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है.

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