बघेल सरकार का बड़ा फैसला, गर्मी की छुट्टियों में भी बच्चों को मिलेगा मिड-डे-मील का सूखा राशन, Big decision of cm Baghel baghel children will get mid day meal dry ration even during summer holidays | raipur – News in Hindi

सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. (फाइल फोटो).

जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा ग्रीष्मावकाश में भी बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्देश दिया गया है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान भी ग्रीष्म अवकाश (Summer Holiday) में भी बच्चों को मध्यान्ह भोजन (Mid Day Meal) योजना का सूखा राशन वितरित किया जाएगा. सूखा राशन का वितरण बच्चों के पालकों को स्कूल में बुलाकर दिया जाएगा. संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिले में वर्तमान परिस्थतियों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित सूखी सामग्री का वितरण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए.

जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा ग्रीष्मावकाश में भी बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्देश दिया गया है. मालूम हो कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उसे फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने स्कूल को आगामी आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया हैं. ऐसी स्थिति में बच्चों को गर्म पका भोजन नहीं दिया जा सकता. खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में बच्चों को सूखा चावल और कुकिंग कास्ट की राशि से अन्य आवश्यक सामग्री जैसे- दाल, तेल, सूखी सब्जी आदी वितरित की जानी है.

सरकार ने जारी किया ये निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सूखा राशन सामग्री का वितरण सुविधा अनुसार स्कूलों में घर-घर पहुंचाकर किया जाए. वितरण के दौरान बच्चों या पलकों के मध्य सामाजिक दूरी को बनाएं रखा जाए. सूखा राशन वितरण में बच्चों को चावल, दाल और तेल की मात्रा केन्द्र द्वारा निर्धारित मात्रा से कम नहीं होनी चाहिए. बच्चों को दिए जाने वाली सामग्रियों को अलग अलग सील बंद पैकेट बनाकर प्रति छात्र सभी सामग्रियों का एक बड़ा पैकेट बनाया जाए. वितरित की जाने वाली खाद्य सामग्रियां उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए.गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सामग्रियों की पैकिंग के पूर्व और पैकिंग के बाद फोटोग्राफ लिए जाए. सामग्री वितरण के लिए प्रति छात्र शासन द्वारा निर्धारित कुकिंग कॉस्ट दिया जाए. प्राथमिक स्कूलों में 45 दिनों के लिए प्रति छात्र चावल 4500 ग्राम, दाल 900 ग्राम, आचार 300 ग्राम, सोयाबड़ी 450 ग्राम, तेल 225 ग्राम और नमक 250 ग्राम दिया जाए. वहीं माध्यमिक स्कूलों में 45 दिनों के लिए प्रति छात्र चावल 6750 ग्राम, दाल 1350 ग्राम, आचार 450 ग्राम, सोयाबड़ी 675 ग्राम, तेल 350 ग्राम और नमक 375 ग्राम प्रदाय किया जाए, स्कूलों के लिए चावल पूर्व की तरह ही उचित मूल्य की दुकान के माध्यम से दिया जाए. सभी जानकारी सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी.

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First published: May 25, 2020, 1:33 PM IST




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