आपसी गुटबाजी, नेताओं के बीच तकरार से पहले ही जूझ रही बीजेपी में अब युवामोर्चा कार्यकारिणी विवाद गहराने लगा है. तमाम उठापटक के बीच रायपुर के अमित साहू को युवामोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. बाद में साहू ने अपनी कार्यकारिणी का ऐलान किया जिसमें नियम-कायदों को ताक पर रखकर पैसे के लेनदेन से लेकर किराएदार, बिजनेस पार्टनर और महिला मित्र तक को भी कार्यकारिणी में शामिल करने के आरोप लगे. इतना ही नहीं पदाधिकारी नहीं बनाए जाने से क्षुब्ध एक कार्यकर्ता ने प्रदेश कार्यालय में आकर आत्मदाह करने तक की धमकी दे दी. दर्जनों शिकायत प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी तक पहुंची. प्रभारी ने अध्यक्ष अमित साहू को तलब कर ना केवल फटकार लगाई बल्कि नियुक्त पदाधिकारियों का प्रोफाइल भी मांग ली जिसमें आयु प्रमाण पत्र मुख्य रूप से शामिल है.
बीजेपी के भीतर मचे बवाल पर सत्ताधारी दल हमलावर है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि सत्ता से उतरते ही बीजेपी का असली चरित्र सामने आमने आ गया है और भीतरखाने चल रही गुटबाजी अब सतह पर आ गई है.
15 सालों बाद विपक्ष में आई बीजेपी को अपनी जिम्मेदारी समझते समझते ही करीब ढाई साल बीत गए है. बहरहाल देखना होगा कि सरकार से लड़ाई लड़ने जिन युवा कंधों पर बीजेपी ने जिम्मेदारी दी है, वे अपनी जिम्मेदारी विवादों से बाहर निकल कितना निभा

