- महिला के निधन के बाद मुस्लिमों ने कराया अंतिम संस्कार
- आतंकवाद भड़कने के बावजूद भट्ट परिवार घाटी में डटा रहा
ऐसे समय में जब जम्मू-कश्मीर से ज्यातादर मौकों पर आतंकवाद, एनकाउंटर और हिंसा से जुड़ी खबरें आती हैं तो वहां आपसी सद्भाव की मिसाल पेश करती एक खबर आई है. जिसमें उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा इलाके में मुस्लिम पड़ोसियों ने गुरुवार को एक बुजुर्ग कश्मीरी पंडित महिला का अंतिम संस्कार करने में मदद की.
सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि मोती लाल भट्ट की 75 वर्षीया पत्नी रानी भट्ट के निधन की खबर जैसे ही आसपास में फैली, मुस्लिम पड़ोसी उनके अंतिम संस्कार में मदद करने के लिए एक साथ आए.
कोरोना महामारी के प्रकोप के बावजूद आसपास के कई लोगों ने परिवार के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए मृतक के घर भी गए.
स्थानीय लोगों ने बताया कि रानी भट्ट का बुधवार रात निधन हो गया और आज उनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया.
मुस्लिम पड़ोसियों ने उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किया.
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बांदीपोरा के कलौसा की रहने वाली मृतक की मौत प्राकृतिक रूप से हुई. उनके पति मोती लाल भट्ट ने अन्य लोगों की तरह उस समय घाटी को नहीं छोड़ा था जब कश्मीर में आतंकवाद भड़क रहा था. वह वहीं रुके रहे और उस गांव में मुस्लिम पड़ोसियों के बीच रहने वाला उनका एकमात्र कश्मीर पंडित परिवार था.
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