नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने भारत से करीब 8000 किलोमीटर दूर समुद्री क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक हलचल का पता लगाया है, जिसका असर भारतीय मानसून प्रणाली पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से देश में बारिश के पैटर्न में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में भारतीय मानसून पहले ही कई महत्वपूर्ण बदलावों से गुजर चुका है। जहां उत्तर-पश्चिमी भारत में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की जा रही है, वहीं गंगा के उपजाऊ मैदानी क्षेत्रों में लगातार कम होती बारिश चिंता का विषय बन रही है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि समुद्र में हो रहे इस प्राकृतिक बदलाव का प्रभाव मानसूनी हवाओं और वर्षा वितरण पर पड़ सकता है, जिससे कृषि, जल संसाधनों और मौसम संबंधी परिस्थितियों पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है। वैज्ञानिक इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और इसके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं।


