सांकेतिक फोटो. फोटो: APF
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के घोर नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर (Bijapur) में मजदूरी करने वाले मुन्ना पॉल ने हाल ही में अपनी कमाई के पैसों से हवाई सफर किया.
बीजापुर के पुसनार में रहकर मजदूरी करने वाले मुन्ना पाल ने न्यूज 18 को बताया कि 12 नवंबर 2020 को उनकी मां की मौत हो गई. वो मूलत: उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले हैं. ट्रेन में टिकट नहीं मिल रही थी और बस या दूसरे साधन भी नहीं थे, लेकिन मां की तेरहवीं के कार्यक्रम में उनका पहुंचना जरूरी था. इसलिए उन्होंने रायपुर से लखनऊ वाया दिल्ली की कनेक्टिंग फ्लाइट की टिकट खरीदी और 20 नवंबर 2020 को जीवन में पहली बार हवाई सफर किया. हालांकि ये सफर उन्होंने मजबूरी में किया. क्योंकि जाने का कोई दूसरा साधन नहीं था. वे पिछले 6 सालों से बीजापुर में रह रहे हैं.
बीजापुर में अपने परिवार के साथ मुन्ना पाल.
गोबर बेचकर कमाईबीजापुर में अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ रहने वाले मुन्ना पाल बताते हैं कि उन्होंने राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना में जुलाई महीने से गोबर बेचना शुरू किया था. गोबर बेचने से नवंबर माह तक उनके खाते में करीब 18 हजार रुपये जमा हुए. इन्हीं पैसों का उपयोग उन्होंने प्लेन का टिकट खरीदने में किया. बता दें कि जुलाई 2020 से छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने गोधन न्याय योजना की शुरुआत की है. इसके तहत पशुपालकों से सरकार 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गोबर खरीद रही है. मुन्ना पॉल बताते हैं कि उन्होंने एक भैंस पाली है. भैंस के गोबर के अलावा वे जंगलों व पास के इलाकों से गोबर इकट्ठा कर सरकारी सेंटर पर बेचते हैं.

