बीते 29 मई को अजीत जोगी की मृत्यु के बाद से यह सीट रिक्त है.(सांकेतिक फोटो)
इस उपचुनाव (Bye election) के लिए जोगी के बेटे तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी का नामांकन जाति प्रमाण पत्र मामले के कारण रद्द हो गया था. राज्य बनने के बाद यह पहली बार है कि इस सीट से जोगी परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ा.
अधिकारियों ने बताया कि ध्रुव को अब तक 8,520 मत प्राप्त हुए हैं तथा सिंह को 4,856 मत मिले हैं. वोटों की गिनती जारी है. मरवाही विधानसभा सीट के लिए आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस के ध्रुव और भाजपा के डॉक्टर गंभीर सिंह के मध्य रहने की संभावना है. गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के अंतर्गत आने वाला मरवाही विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. 2000 में नए राज्य के गठन के बाद से यह सीट जोगी परिवार के पास थी. बीते 29 मई को अजीत जोगी की मृत्यु के बाद से यह सीट रिक्त है.
जोगी परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ा
इस उपचुनाव के लिए जोगी के बेटे तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी का नामांकन जाति प्रमाण पत्र मामले के कारण रद्द हो गया था. राज्य बनने के बाद यह पहली बार है कि इस सीट से जोगी परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ा. जोगी ने इस चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी का समर्थन करने का फैसला किया था. राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 69 सीट, भारतीय जनता पार्टी के पास 14 सीट, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के पास चार सीट तथा बहुजन समाज पार्टी के पास दो सीटें हैं. इससे पहले राज्य में दंतेवाड़ा और चित्रकोट विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव कराए गए थे. दोनों उपचुनावों में सत्ताधारी दल ने जीत हासिल की थी.


