- महिला पत्रकार के खिलाफ एफआईआर पर प्रियंका का ट्वीट
- बोलीं- यूपी सरकार FIR कर सच्चाई पर पर्दा नहीं डाल सकती
दिल्ली की एक डिजिटल पत्रकार के खिलाफ यूपी के वाराणसी के रामनगर नगर थाने में केस दर्ज किया गया है. महिला पत्रकार पर एफआईआर का मामला उस वक्त तूल पकड़ लिया जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर ट्वीट कर दिया. मामला पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गए गांव डोमरी का है.
लॉकडाउन के दौरान एक न्यूज पोर्टल की महिला पत्रकार ने पीएम मोदी के आदर्श गांव डोमरी की बदहाली की खबर गांव की ही एक अनुसूचित जाति की महिला के बयान के आधार पर छापा था. बाद में उसी महिला ने पत्रकार के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया.
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महिला पत्रकार पर एफआईआर को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, यूपी सरकार एफआईआर करके सच्चाई पर पर्दा नहीं डाल सकती, जमीन पर इस आपदा के दौरान घोर अव्यवस्थाएं हैं, सच्चाई दिखाने से इनमें सुधार संभव है….

प्रियंका गांधी के इस ट्वीट के बाद देश भर की तमाम शख्सियतों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं. दरअसल, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिस आदर्श गांव डोमरी की महिला माला देवी के बयान पर खबर की बुनियाद थी, वह और उसके परिवार ने अब महिला पत्रकार को ही झूठा बताकर एफआईआर करा दी है.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान उनके पास खाने की कमी नहीं थी और ना ही और कोई दिकक्त, लेकिन अभी भी उनका राशन कार्ड नहीं बना है, लेकिन वो वाराणसी नगर निगम में अस्थाई नौकरी करती हैं, जिससे उसकी आजीविका चल जाती है.
मेरी जाति का मजाक बनाया: शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता माला देवी ने बताया कि वे नगर निगम में नौकरी करती हैं और अंगूठा छाप हैं. उन्होंने कहा, महिला पत्रकार ने मुझसे राशन कार्ड के बारे में पूछा तो मैंने बताया कि नहीं हैं, लेकिन मुझे खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं है. मुझे महीने की तनख्वा मिल जाती है. मेरी मां भी सरकारी पेंशन लेती है. उसके अलावा मेरा परिवार भी है.
माला देवी ने बताया कि महिला पत्रकार ने अपने खबर के जरिये मेरी और मेरी जाति का मजाक बनाया है, इसलिए मैंने एफआईआर दर्ज कराई है, जहां जाती हूं लोग मुझसे पूछते हैं.
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वहीं, इस पूरे मामले में वाराणसी के एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रामनगर थाने में स्थानीय महिला की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है. जिसमें बताया गया है कि कुछ लोगों ने पोर्टल और सोशल मीडिया पर गलत चीजें डाल दी हैं, जिससे उसको बदनामी झेलनी पड़ी.
एसपी सिटी ने बताया कि महिला और उसका परिवार नगर निगम में कार्यरत है. महिला की शिकायत पर रामनगर थाने में संबंधित धाराओं पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जिसकी जांच कोतवाली के क्षेत्राधिकारी ही कर रहें हैं. इससे संबंधित तथ्य को जुटाने के साथ ही लोगों से बातचीत भी की जा रही है, इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी.
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