मानसून काल में भी मिलेगा मनरेगा से रोजगार


मानसून काल में भी मिलेगा मनरेगा से रोजगार


साढ़े 13 करोड़ अतिरिक्त मानव दिवस सृजित होगा रोजगार 


भोपाल : सोमवार, जुलाई 6, 2020, 16:03 IST

महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से मानसून काल में श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मुहैया हो सकेगा। इसके लिये साढ़े 13 करोड़ अतिरिक्त मानव दिवस रोजगार सृजित  किए जाएंगे।  मानसून काल में मनरेगा के माध्यम से वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।  इसके लिए पूर्व निर्धारित लेबर बजट में बढ़ोतरी कर सभी जिलों को अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।

कोरोना संक्रमण काल में वापस लौटे प्रवासी लौटकर  आए श्रमिकों तथा पूर्व से कार्यरत श्रमिकों को वर्षा काल में नियमित रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा की  कार्य योजना में संशोधन किया गया है।   प्रदेश में वित्तिय वर्ष 2020-21 में पूर्व निर्धारित लेबर बजट 20.50 करोड़ मानव दिवस से बढ़ाकर 34 करोड़ मानव दिवस किया गया है। सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ऐसे सामुदायिक कार्यों को प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं जिनमें अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो सके। मानसून अवधि में वृक्षारोपण के तहत सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण, निजी भूमि पर फलोद्यान, मंदिर कुंज, हैबिटेट रेस्टोरेशन जैसे कार्य कराने तथा जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों के तहत कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडेम, गोबियन संरचना जैसे कार्यों को प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं।

स्व-सहायता समूह के लिए कैटल शेड, गोट सेट, पोल्ट्री सेट जैसी संरचना स्थानीय आवश्यकता के अनुसार बनाई जा सकेंगी। गांव में चारागाह विकास के कार्य भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गये हैं।  स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक संरचना के कार्यों के तहत ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन, शासकीय भवनों के लिए अप्रोच रोड, शालाओं की बाउंड्री वाल का निर्माण, नाडेप टांका, वर्मी कंपोस्ट पिट गौशालाओं का निर्माण जैसे कार्य भी मनरेगा योजना के अंतर्गत अब कराए जा सकेंगे। 


अनिल वशिष्ठ


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