ये हैं बघेल वॉरियर्स, पढ़िए कैसे COVID-19 को ये टीम दे रही मात, These are Baghel Warriors read how this team is beating the COVID-19 along with cm bhupesh baghel | raipur – News in Hindi

रायपुर.  कोविड-19 (COVID-19) विश्व महामारी के इस संकट की घड़ी में हर कोई यहीं बात सोच रहा है कि कब इस मुसीबत से मुक्ति मिले. कब हम एक बार फिर से खुली हवा में निश्चिंत होकर सांस ले. केंद्र से लेकर राज्य सरकारें अपसे स्तर पर हर वो पहल कर रही है जिससे इस महामारी को ना केवल फैलने से रोका जाए बल्कि जल्द से जल्द इस पर लगाम लगाया जा सके. इसी क्रम में केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन 2 (Lock down 2.0) की घोषणा की गई है. तो वहीं छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कई जिलों में आगामी 72 घंटों का शटडाउन डिक्लेयर किया गया है. तो वहीं दंतेवाड़ा जिले की सभी सीमाओं को आगामी 72 घंटे के लिए पूरी तरह से सील कर दिया गया है.

राज्य सरकार का स्वास्थ्य महकमा और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सार्वजनिक अवकाश के दिन भी बैठक कर, फिल्ड में जायजा लेकर इस बात की चिंता कर रहे हैं कि कैसे इस महामारी से मुक्ति मिले. बात अगर मुख्यमंत्री की करें तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने सभी जरूरी कार्यों को स्थगित कर कोरोना मुक्ति से जुड़े कार्यों की पल-पल की न केवल जानकारी ले रहे हैं बल्कि जिम्मेदारियां भी तय कर रहे हैं. प्रवासी मजदूर से लेकर राज्य के लोगों तक वह सभी जरूरी सामग्रियां पहुंचे इस बात की चिंता करते हुए हर एक घंटे की रिपोर्ट ले रहे हैं. बात अगर मुख्यमंत्री की टीम की करें तो मुख्यमंत्री के कोर कमेटी में 6 ऐसे सदस्य शामिल हैं जो दिन-रात कोरोना के खिलाफ जंग में भी अपनी आहुती दे रहे हैं.

 ये है सीएम बघेल की टीम

टीम के सभी 6 सदस्यों की जिम्मेदारियां तय है. सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का शत-प्रतिशत निर्वहन कर रहे हैं. सीएम बघेल की कोर कमेटी में एसीएस टू सीएम सुब्रत साहू, जनसंपर्क आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा, मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया,  श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा,  खाद्य सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह, उद्योग विभगा के सचिव अनिल टुटेजा शामिल हैं. इन्ही 6 सदस्यों के कारण आज छत्तीसगढ़ कोरोना को मात देने में काफी हद तक सफल हुआ है. न केवल कोरोना को मात देने में बल्कि कोई भी व्यक्ति भूखा ना रहे इस की जो धरातली व्यवस्था है यह भी इस टीम के द्वारा तय किया जा रहा है.

कोरोना के इस संकट काल में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय स्थापित कर रहे हैं सुब्रत साहू.

बघेल वॉरियर्स के जिम्मेदार और उनकी जिम्मेदारी:-

* सूब्रत साहू- (मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव)

कोरोना के इस संकट काल में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय स्थापित करना, केंद्र द्वारा जारी निर्देशों का राज्य में त्वरित क्रियान्वयन करना, धरातल के कार्यों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपना.

* तारण प्रकाश सिन्हा- (जनसंपर्क विभाग के आयुक्त सह संचालक)

कोरोना संक्रण के रोकथाम को लेकर राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम, जारि किए गए  दिशा-निर्देश-आदेशों को जन-जन तक पहुंचाना, विभिन्न मीडिया के माध्यमों से सही-सटीक और त्वरित जानकारी पहुंचाना, कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने राज्यभर में हो रहे कार्यों का फीडबैक तैयार करना.

तारण सिन्हा भी इस टीम के अहम मैंबर हैं.

* सौम्या चौरसिया-(मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव)

सीएम भूपेश बघेल के कोर कमेटी की एक मात्र महिला सदस्य, दिन-रात एक कर राज्य के सभी 28 जिलों से सतत संपर्क कर कोरोना वायसर संक्रमण के रोकथाम में  किए जा रहे उपायों की जानकारी और सूचनाएं एकत्रित करना, कहीं भी कमी-बेशी पर त्वरित दिशा-निर्देश जारी करना, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना के कार्यों की मॉनीटरिंग करना, कोरोना संक्रमण रोकने समस्य कार्यों की मॉनीटरिंग रिपोर्ट  मुख्यमंत्री तक पहुंचाना, राज्य की वास्तविक स्थितियों से सीएम को अवगत करना.

* सोनमणि बोरा- (श्रम आयुक्त- श्रमिकों को सुविधा पहुंचाने के नोडल अधिकारी)

संकटग्रस्त व जरूतमंद श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना, अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ के फंसे हुए मजदूरों के लिए भोजन, आवास सहित अन्य व्यव्सथा करना, राज्य के मजदूरों को सुविधा पहुंचाना.

* डॉ कमलप्रीत सिंह- (खाद्य सचिव)

कोरोना संकट के इस घड़ी में राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक खाद्य सामग्री पहुंचाना, दो माह के निशुल्क राशन पहुंचना सुनिश्चित करना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान वितरण तथा आवश्यक वसुतुओं की आपूर्ति व परिवहन सुनिश्चित करना.

सीएम भूपेश बघेल के कोर कमेटी की एक मात्र महिला सदस्य,

* अनिल टूटेजा- (उद्योग सचिव)

सूबे के सबसे अनुभवी अधिकारियों में से एक, संकट और विपरित परिस्थितियों में बेहतर कार्य के अपने अनुभव के लाभ  से संकट के इस घड़ी में व्यवस्था बहाली में प्रमुख योगदान निभाना.

रायपुर एम्स बना वरदान:-

कोरोना संकट के इस घड़ी में रायपुर एम्स वरदान बनकर सामने आया है. राज्य में अब तक के कुल 33 पॉजिटिव में से 23 पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, तो वहीं बाकी 10 के भी जल्द स्वस्थ्य होने की उम्मीद जताई जा रही है. हैरानी की बात यह है कि रायपुर में एम्स में जो 23 मरीज पूरी तरह से ठीक हुए उनमें नाबालिक युवक से लेकर 68 साल के बुजुर्ग तक शामिल है. एम्स के डॉक्टरों और मेडिकल टीम का ही कमाल है कि वे दिन-रात एक कर सभी मरीजों को न केवल स्वस्थ्य कर रहे हैं, बल्कि एक अच्छे और सकारात्मक वातावरण भी तैयार कर के रखे हुए है.

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