राम मंदिर निर्माण की फर्जी रसीदें काटकर ठगी करने वाली महिला पर FIR

पुलिस महिला के खाते की जांच करने वाली है. (Demo)

पुलिस के अनुसार महिला ने कथित तौर पर फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया और धन प्राप्त करने के लिए अपना बैंक खाता नंबर दिया. शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि महिला की धोखाधड़ी (Fraud) का शिकार कई लोग हुए, लेकिन उसके द्वारा एकत्र की गई राशि का उल्लेख नहीं किया गया. मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) में अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण (Ram Mandir) के लिए विश्व हिंदू परिषद निधि समर्पण अभियान चला रही है. इसकी आड़ में कुछ ठग भी सक्रिय हो गए. ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें एक महिला ने फर्जी बिल (Fruad Bill) रसीद छपवाकर मंदिर निर्माण निधि की राशि को अपने खाते में ट्रांसफ़र करा लिया. इस मामले की भनक जैसे ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति की हुई तो महिला के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज करा दी गई.

बताया गया है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण समिति की ओर निधि संग्रह किया जा रहा है. समिति के पदाधिकारियों को कुछ लोगों ने सूचना दी कि पता बिलासपुर में एक महिला उषा आफले भी निधि संग्रह कर रही हैं. आरोप के अनुसार उषा का समिति और मंदिर प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने फर्जी रसीद छपवाकर निधि संग्रह करना शुरू कर दिया. कई लोगों से मंदिर में नाम पर चंदा लेकर रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए.

ऐसे ठगी करती थी महिला
समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस को बताया कि निधि संग्रह के लिए वैधानिक रसीद और कूपन प्रत्येक दानदाता को दी जा रही है, लेकिन उषा आफले ने निजी रसीद छपवा कर निजी एकाउंट में रुपए ट्रांसफर करा लिए हैं. पदाधिकारियों ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है. इसके चलते कई लोग ठगी के शिकार हुए हैं. उन्होंने पुलिस से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है. पूछताछ में एक प्रिंटर का नाम भी सामने आया है. जबकि रसीद छापने वाले प्रिंटर ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है. मगरपारा स्थित गोस्वामी प्रिंटर्स की ओर से भी शिकायत दी गई है. इसमें कहा गया है कि 11 जनवरी को उषा आपले ने श्रीराम मंदिर की रसीद 300 पेज की छपवाई थी. इसमें 50 पन्ने की 6 बुक शामिल हैं. अधिकृत व्यक्ति की जानकारी न होने के कारण उन्होंने रसीद प्रिंट कर दी.ये भी पढ़ें: दिग्विजय सिंह की जुबान ही उनकी दुश्मन, इसलिए नहीं बन पाए कांग्रेस में ‘बड़े नेता’: उमा भारती

पुलिस के अनुसार, श्री राम मंदिर निधि समिति बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ ललित मखीजा को सोशल मीडिया पर पता चला कि अफले राम मंदिर निर्माण के नाम पर अवैध रूप से धन इकट्ठा किया जा रहा है. महिला ने कथित तौर पर फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया और धन प्राप्त करने के लिए अपना बैंक खाता नंबर दिया. शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि महिला की धोखाधड़ी का शिकार कई लोग हुए, लेकिन उसके द्वारा एकत्र की गई राशि का उल्लेख नहीं किया गया. मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है. उन्होंने कहा कि महिला के बैंक खाते की जांच की जाएगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.







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