रायपुर-दुर्ग में 11 माह बाद 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स के साथ खुले कोचिंग सेंटर, लापरवाही पर होगी FIR

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) और दुर्ग (Durg) में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने की अनुमति दे दी गई है. रायपुर व दुर्ग कलेक्टर ने नए दिशानिर्देशों के साथ इन संस्थानों को खोलने की अनुमति दे दी है. नई गाइडलाइन में कहा गया है कि क्षमता से 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही एक समय पर बुलाए जा सकेंगे. इसका मतलब ये कि जब पहले 100 स्टूडेंट्स की क्लास लगती थी तो अब कोविड के खतरे के मद्दे नजर 50 स्टूडेंट्स की एक वक्त में क्लास लगेगी. बाकि बचे बच्चों को दोबारा बुलाया जा सकेगा. जिला प्रशासन की गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि किसी ने अगर नियमों को नहीं माना तो कोचिंग सेंटर, स्किल सेंटर या लायब्रेरी के प्रिंसिपल, संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी.

राजधानी रायपुर में सबसे बड़ी लाइब्रेरी नालंदा परिसर में सेंट्रल लाइब्रेरी है. वहां 3000 से ज्यादा छात्र सदस्य हैं, जो लाइब्रेरी बंद होने की वजह से वहां नहीं जा पा रहे थे. इसी तरह पं. दीनदयाल उपाध्याय लाइब्रेरी डीडी नगर, बीटीआई मैदान शंकरनगर, जिला ग्रंथालय फायर ब्रिगेड चौक, कंकाली तालाब के पास स्थित आनंद समाज वाचनालय की लाइब्रेरी में भी हर दिन 2000 से ज्यादा छात्र आना-जाना करते थे। यह सभी लाइब्रेरी बंद थीं, जो आज से खुल जाएंगी.

इसका रखना होगा खयाल

दिशा निर्देश में कहा गया है कि ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग को सेंटर्स प्राथमिकता दें. संस्था के एंट्री गेट टच फ्री होने चाहिए, लोग खांसते- छींकते समय मास्क पहने, रुमाल या टिशू का इस्तेमाल करें, पीने के पानी की जगह, धोने का स्थल, वॉशरूम कुर्सी, टेबल, बेंच, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, क्लासरूम की ऐसी जगह जहां लोग छूते हों वो बार-बार सैनिटाइज होते रहने चाहिए.  इतना ही नहीं लैपटॉप, नोटबुक का लेन-देन करने की मनाही है, कैंटीन बंद रखने को कहा गया है, बेहद जरुरी होने पर ही इसे शुरू किया जाएगा. संस्थान सीसीटीवी कैमरा लगवाना होगा. ऐसा इसलिए ताकि हर स्टूडेंट या स्टाफ पर नजर रखी जा सके और उसके कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हो सके.




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