रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी के रायपुर नगर पालिक निगम में नये कमिश्नर की एंट्री के साथ ही पार्षद पतियों की एंट्री पर पाबंदी लग गयी है. इसे लेकर इस वक्त निगम में बवाल मचा हुआ है. दरअसल हाल ही में रायपुर नगर निगम में नये कमिश्नर मयंक चतुर्वेदी की नियुक्ति हुई है. नियुक्ति के साथ ही विवाद भी उनके साथ जुड़ गया है. हुआ यूं कि नये कमिश्नर से मुलाकात करने कुछ बीजेपी के पार्षद उनके दफ्तर पहुंचे थे. इस दौरान एक बीजेपी पार्षद गोदावरी साहू के पति गज्जू साहू ने भी कमिश्नर को अपने वार्ड के कार्यों की एक फाइल देनी चाहिए, लेकिन इस दौरान कमिश्नर ने रौब दिखाते हुए पार्षद को बीच में ही टोकते हुए कह दिया कि वे पार्षद पति से बात नहीं करेंगे.
कमिश्नर ने कहा कि वार्ड और नगर निगम में जो चुने हुए पार्षद हैं वे ही अपनी बात रखेंगे. इसके अलावा नगर निगम से जुड़ी किसी भी बैठक में पार्षद पतियों की एंट्री नहीं रहेगी. नये कमिश्नर के इस कथित फरमान से कई पार्षद नाराज हैं और इसकी शिकायत महापौर एजाज ढेबर से भी कर चुके हैं. पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुर्यकांत राठौर का कहना है कि पार्षद पति अगर नगर निगम में फाइल लेकर कमिश्नर के पास पहुंचते भी हैं तो वे अपना व्यक्तिगत काम लेकर नहीं बल्कि जनता का काम लेकर आते हैं. राठौर ने चेतावनी दी है कि अगर कमिश्नर का व्यवहार पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों से अच्छा नहीं रहता है तो वे भी इसका जवाब देंगे.
महापौर ने किया कमिश्नर का बचाव
मामले में रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर कमिश्नर मयंक चतुर्वेदी के बचाव में आ गये हैं. उनका कहना है कि बीजेपी पार्षदों द्वारा इस वाक्ये को जबरन मुद्दा बनाया जा रहा है. ऐसी कोई बात नहीं है, जिसे मुद्दा बनाया जाए. जबकि इस मामले में कैमरे के सामने आकर कमिश्नर ने कुछ भी नहीं कहा.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2022, 15:01 IST
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