छत्तीसगढ़ में कुल सात जिलों में मरीजों को कोरोना वायरस वैक्सीन लगाने का ड्राई रन किया गया
कोरोना वायरस वैक्सीन (Corona Virus Vaccine) के ड्राई रन (Dry Run) केे जरिए यह देखा गया कि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) और टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगता है. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मरीजों को वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट न हो
इस ड्राई रन के जरिए यह देखा गया कि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) और टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगता है. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट न हो.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉक्टर प्रियंका शुक्ला ने बताया कि वैक्सीन लगने के आधे घंटे बाद तक हम लोगों को केंद्र में ही रख कर मॉनिटर करेंगे. यह देखा जाएगा कि उन्हें किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही. यदि कोई सेहत संबंधी दिक्कत आती भी है तो मरीज को फौरन मदद मुहैया कराई जाएगी. इसके भी तमाम प्रोटोकॉल तय हैं.
रायपुर समेत सात जिलों में हुआ कोविड-19 वैक्सीन लगाने का रिहर्सलरायपुर के अलावा यह ड्राई ड्रिल राज्य के सरगुजा, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, बस्तर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी की गई. रिहर्सल शुरू होने से पहले डॉक्टर प्रियंका शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इन सभी सात जिलों में इसके लिए प्रभारी बनाए गए अपर कलेक्टरों और डिप्टी कलेक्टरों से चर्चा की थी. दरअसल यह ट्रायल दो दिन बाद चार जनवरी को होना था. मगर इसे शनिवार दो जनवरी को किया गया.
ड्राई ड्रिल का उद्देश्य कोल्ड चेन मैनेजमेंट, वैक्सीन की सप्लाई, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स के साथ ही वैक्सिनेशन के लिए पहुंचे लोगों के वैक्सीनिशन केंद्र पर पहुंचने, उनकी एंट्री, रजिस्ट्रेशन, वैक्सिनेशन और ऑब्जर्वेशन में रखने की तैयारियों को परखना है. वैक्सिनेशन के दौरान को-विन एप में एंट्री से लेकर वैक्सीन लगाने तक कितना समय लगता है, यह भी मॉनिटर की जाएगी. साथ ही पूरी मशीनरी की तैयारियों को भी जांचा-परखा जा रहा है.