रायपुर का सब्जी बाजार.
हर माल दस रुपया..हर सब्जियां बस 10 रुपये. जी हां ये किसी मेले का नजारा नहीं बल्कि राजधानी रायपुर के भाटागांव मे स्थित सब्जी बाजार के हालात हैं.
रामबती से जब न्यूज 18 ने पूछा कि सब 10 रुपये किलो बेचने से आपकी क्या कमाई होगी. रामबती का कहना था कि क्या करोगे बेटी. तेज धूप से खुले बाजार में बैठना तो मुश्किल हो जाता ही है. वहीं सब्जी जल्दी गलने लगती हैं. मजबूरी है जितने में निकल जाए निकाल लो. फिर इतना ढोके रोज लाओ. बाड़ी में सब्जी खराब हो रही है.
लागत नहीं निकल रही
यहीं पारबती का कहना है कि थोक बाजार से सब्जी लेकर आते हैं, लेकिन यहां तो अब लागत भी नहीं निकल रही. सब्जी भाजी को बेचकर बाल बच्चों को पढ़ाई, शादी ब्याह किये आज तो खाने के लाले पड़ रहे हैं. बाजार में अब डर से ग्राहक भी कम हो गए हैं. धूप बढ़ गई है. दोपहर 12 बजे तक तो खुद की स्थिति खराब हो जाती है. सब्जी खराब होने से फेंकना पड़ेगा. इसलिए बेच देना मजबूरी है...तो ग्राहक आते हैं
सब्जी विक्रेता सावित्री का कहना है कि वह करीब चार किलोमीटर से सब्जी बेचने आती है। इस बार तो बाड़ी में लगाई सब्जी की लागत ही नहीं मिल रही। हर माल दस रुपये चिल्लाने से लोग एक बार आते तो हैं ले भी जाते हैं. ग्राहक रमेश का कहना था कि इतने सस्ते में झोला भर भर सब्जियां घर ले जाते समय कोई और समय होता तो खुशी होती. लॉक डाऊन और कोरोना की महामारी के बीच इन झोलों का बोझ केवल हाथों में नहीं आत्मा में भी महसूस होता है. जिस तरह से लोग सब्जियां लेकर खरीदने की गुहार लगाते हैं बहुत खराब लगता है.
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First published: May 8, 2020, 3:20 PM IST

