सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान ग्रामीण रख रहे हैं.
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा (mgnrega) के तहत विभिन्न 1500 निर्माण कार्यों में लगभग 37000 से ज्यादा ग्रामीणों को मजदूरी मिल गई है.
सूरजपुर. दूसरे चरण के लॉकडाउन (Lock Down) को लेकर लोगों में नियमों के पालन के लिए जिला प्रशासन कई कदम उठा रही है, लेकिन सूरजपुर (Surajpur) जिले के ग्रामीणों को लॉकडाउन में मिलने वाले रोजगार से चेहरे में खुशी झलक रही है. दरअसल, कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए कई योद्धा सामाजिक काम कर लोगों की मदद कर रहे हैं. लेकिन लॉकडाउन के नियमों के कारण ग्रामीणों के सामने रोजगार और आर्थिक संकट की चुनौती बड़ा रूप लेते जा रही थी.
ग्रामीण मजदूरों में दिख रही जागरूकता
सूरजपुर जिले में हमेशा से ही ग्रामीणों में शिक्षा का अभाव और जागरूकता की कमी की बातें सामने आती रहती थ. लेकिन मनरेगा में मजदूरी के दौरान ग्रामीणों की जागरूकता शहरों से ज्यादा नजर आ रही है. जहां लॉकडाउन के दौरान घरों में आर्थिक संकट की समस्या को मनरेगा ने दूर कर दिया, तो वहीं ग्रामीणों की सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर मजदूरी कर रहे हैं.
कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा…
जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले के ग्रामीण मजदूरों की तारीफ करते हुए कहा कि जिले के ग्रामीण बेहद जागरूक हैं और मनरेगा जैसी योजना ग्रामीणों के चेहरे में खुशी दे रही है. जिला प्रशासन के द्वारा कोविड 19 के संक्रमण को रोकने के मद्देनजर मनरेगा में कार्यरत मजदूरों का लगातार निरीक्षण किया जाता है. मजदूरों द्वारा पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है.
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First published: April 25, 2020, 6:50 AM IST