शिवपुरी -53 लाख के विकास प्रस्तावों में से सिर्फ 3 कार्य शामिल किए, जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर से की शिकायत

शिवपुरी। जिला पंचायत शिवपुरी के सदस्यों ने 16वें वित्त आयोग की राशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि उनके द्वारा करीब 53 लाख रुपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए गए थे, लेकिन आठ स्थानों के प्रस्तावों में से केवल तीन कार्यों को ही कार्ययोजना में शामिल किया गया। शेष कार्यों को शामिल नहीं करने का स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया। सदस्यों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में अपने क्षेत्रों के शेष विकास कार्यों को शामिल कर स्वीकृति देने की मांग की है।बैठक की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल -जिला पंचायत सदस्य भारती रावत, पुष्पांजलि और मनीराम लोधी ने आवेदन में बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पहले 23 सितंबर 2026 को साधारण सभा की बैठक आयोजित करने की सूचना दी थी। इसके बाद 21 सितंबर को जारी पत्र के माध्यम से बैठक की तारीख बदलकर 24 सितंबर कर दी गई। सदस्यों का आरोप है कि बैठक की तारीख में बदलाव और पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं मिलने के कारण सभी सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सके। इससे उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों के प्रस्ताव रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।आठ स्थानों के प्रस्तावों में से तीन कार्य ही शामिल -आवेदन के अनुसार, 16वें वित्त आयोग की राशि और वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार करते समय सभी जिला पंचायत सदस्यों से उनके क्षेत्रों में आवश्यक विकास एवं निर्माण कार्यों के प्रस्ताव लेकर उन पर सामूहिक रूप से विचार किया जाना चाहिए था। सदस्यों ने बताया कि उन्होंने 1 अक्टूबर 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित रूप में विकास कार्यों की सूची सौंपी थी। इसमें विभिन्न गांवों और क्षेत्रों के आठ स्थानों पर करीब 53 लाख रुपए के कार्य प्रस्तावित किए गए थे।सदस्यों का कहना है कि प्रस्तुत सूची में से केवल तीन कार्यों को ही कार्ययोजना में शामिल किया गया, जबकि बाकी प्रस्तावों को बाहर कर दिया गया। शेष कार्यों को शामिल नहीं करने के संबंध में उन्हें स्पष्ट कारण नहीं बताया गया और न ही प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी दी गई।पुराने वर्षों में भी राशि नहीं मिलने का दावा -जिला पंचायत सदस्यों ने अपने आवेदन में कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान भी मूलभूत विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, लेकिन उनके अनुसार अब तक अपेक्षित राशि नहीं मिलने से क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।सदस्यों ने यह भी बताया कि 15 अक्टूबर को साधारण सभा की बैठक के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन के संबंध में संबंधित विभागों को पत्र जारी किया गया था, लेकिन उन्हें प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया। इसके बाद 21 अक्टूबर को बैठक की कार्यवाही की प्रति उपलब्ध कराने के लिए भी आवेदन दिया गया।प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने की मांग -जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि उनके द्वारा प्रस्तुत सभी विकास कार्यों के प्रस्तावों पर नियमानुसार निष्पक्षता से विचार किया जाए। साथ ही, 16वें वित्त आयोग की राशि एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार शेष कार्यों को शामिल कर उनके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here