- 25 हजार मंदिरों में दिखेंगे महाकाल
- घर बैठे देखें श्री महाकाल लोक का अलौकिक रूप -शिवराज का लक्ष्य विशाल, दिया दिव्य भव्य महाकाल
- भक्ति का स्वर्ण काल, जय-जय महाकाल
- 20 हेक्टेयर में हुआ निर्माण
- 856 करोड़ रुपए की लागत से बना है कॉरिडोर
- हिन्दुत्व की पताका को शिवराज ने किया बुलंद
Bhopal Bureo… कहा जाता है कि उज्जैन से ही समय का चक्र चलता है। पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूमना हो, या चंद्रमा का पृथ्वी पर चक्कर लगाना हो, या पृथ्वी का सूर्य पर चक्कर लगाना हो, सब महाकाल को साक्षी मानकर होता है। तभी तो इस बार मध्यप्रदेश में 13 दिन पहले ही दीपावली मननी शुरू हो जाएगी। हो भी क्यों न? तीनों लोकों के अधिपति बाबा महाकाल को श्री महाकाल लोक जो समर्पित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐसा नया इतिहास लिखने के लिए आगे बढ़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश में भक्ति का स्वर्ण काल लेकर आए हैं। महाकाल दरबार के प्राचीन वैभव को जगाने वाले शिवराज ने दिन-रात-एक कर दिया है। इस कॉरिडोर से हिन्दुत्व की वही पताका लहराएगी जो सम्राट विक्रमादित्य, कालीदास और राजाभोज के समय फहराया करती थी। हिन्दुत्व की पताका को बुलंद करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को उज्जैन आ रहे हैं। वे महाकाल कॉरिडोर को लोकार्पित करेंगे।
856 करोड़ रुपए की लागत से बने श्री महाकाल लोक का लोकार्पण ‘अमृत सिद्धि योग’ में होगा। उज्जैन में 5 दिनों तक उत्सव मनाया जाएगा। 11 अक्टूबर को राज्य के 25 हजार से अधिक मंदिरों में दीपक जलाए जाएंगे, साजो-सज्जा होगी, भजन-कीर्तन होंगे। उज्जैन के कार्यक्रम को प्रदेश के सभी गांवों के लोग सजीव चित्रण देखेंगे। गांवों में भी बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई जाएंगी। यहां 300 मंदिरों को रंगाई-पुताई का काम किया जा रहा है। 609 पंचायतों के प्रमुख मंदिरों को सजाया जा रहा है। नगरीय क्षेत्र में संबंधित निकाय स्क्रीन या प्रोजेक्टर की व्यवस्था संभालेंगे। जबकि गांवों में ग्राम पंचायत टीवी स्क्रीन की व्यवस्था करेंगी।


