वेटिकन सिटी: समलैंगिक नागरिक संघों का समर्थन करने से संबद्ध पोप फ्रांसिस की टिप्पणी के स्रोत के बारे में गुरुवार को सवाल किये गये और सारे साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि उन्होंने 2019 में एक साक्षात्कार में यह कहा था. हालांकि, उसे पूर्ण रूप से कभी प्रसारित नहीं किया गया.
वहीं, वेटिकन ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है कि क्या उसने यह टिप्पणी अपने ही प्रसारण के अंश से काट कर हटा दिया था, या मेक्सिको के प्रसारणकर्ता पर दबाव डाला था, जिसने यह साक्षात्कार लिया था. वेटिकन ने इन सवालों का भी जवाब नहीं दिया कि उसने ‘फ्रांसेस्को’ डॉक्यूमेंट्री में इस टिप्पणी को प्रसारित करने की अब जाकर अनुमति क्यों दी. रोम फिल्मोत्सव में प्रदर्शित की गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म में पोप फ्रांसिस ने कहा, ‘समलैंगिक लोगों को परिवार में रहने का अधिकार है. वे ईश्वर की संतान हैं. हमें नागरिक संघ कानून की जरूरत है, उसके जरिये उन लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी.’
पोप फ्रांसिस ने किया समर्थन
पोप फ्रांसिस ने इस तरह पहली बार समलैंगिक नागरिक संघों का समर्थन किया है. हालांकि, आधिकारिक वेटिकन शिक्षाओं में समलैंगिक संघों के इस तरह की किसी मंजूरी को निषिद्ध किया गया है. उल्लेखनीय है कि ब्यूनस आयर्स के आर्चबिशप के रूप में सेवा देने के दौरान फ्रांसिस ने समलैंगिक विवाह के विकल्प के तौर पर पुरुष समलैंगिक जोड़े के लिये नागरिक संघों का समर्थन किया था. हालांकि, बतौर पोप उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से नागरिक संघों का संमर्थन नहीं किया था. फ्रांसिस के शीर्ष संचार सलाहकार में शामिल रेव. एंटोनियो स्पादारो ने कहा है कि पोप की टिप्पणी पुरानी खबर है. यह टिप्पणी मेक्सिको के प्रसारणकर्ता टेलीवीजा को मई 2019 में दिये एक साक्षात्कार में की गई थी.
उन्होंने कहा, ‘इसमें कुछ भी नया नहीं है क्योंकि यह उस साक्षात्कार का हिस्सा था. यह हैरत में डालने वाला है कि आपको यह याद नहीं है.’ उल्लेखनीय है कि टेलीवीजा ने इस टिप्पणी का उस वक्त प्रसारण नहीं किया था, जब उसने साक्षात्कार दिखाया था. साथ ही, ना ही वेटिकन ने इसकी रिकार्डिंग सार्वजनिक की थी.
(इनपुट- एजेंसी एपी)


