- 33 करोड़ छात्रों को कठिनाई से बचाना प्राथमिकता
- ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली पर भी हो रहा विचार
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और शिक्षा सचिवों के साथ बातचीत की. इस दौरान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 10.99% की वृद्धि के साथ मिड डे मील के तहत खाना पकाने की लागत के वार्षिक केंद्रीय आवंटन को 8100 करोड़ करने की घोषणा की है.
छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तालाबंदी की स्थिति में, बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन प्राप्त करने के लिए मध्याह्न भोजन योजना के तहत राशन उपलब्ध कराया जा रहा है. स्कूलों में गर्मी की छुट्टी के दौरान भी मिड डे मील देने की स्वीकृति दी जा रही है, जिस पर लगभग 1600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा.
इसके अलावा, मिड डे मील योजना के तहत, पहली तिमाही के लिए 2500 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया जा रहा है.
मिड डे मील कार्यक्रम को बढ़ाने के लिए, मंत्री ने घोषणा की कि कोविड -19 के मद्देनजर, मिड डे मील योजना के तहत खाना पकाने की लागत (दाल, सब्जी, तेल, मसाले और ईंधन की खरीद के लिए) का वार्षिक केंद्रीय आवंटन 7,300 करोड़ से बढ़ाकर 8100 करोड़ (10.99% की वृद्धि) किया जा रहा है.
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बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह समय है कि समझदारी से काम लिया जाए और छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए नए प्रयोग करते हुए इस स्थिति को अवसर में बदल दिया जाए.
पोखरियाल ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास होना चाहिए कि हमारे 33 करोड़ छात्र किसी भी कठिनाई का सामना न करें और अपनी शिक्षा जारी रख सकें. इसके लिए ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफार्म पर भी विचार किया जा रहा है.
इसके अलावा, एनसीईआरटी द्वारा वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर भी जारी किया गया है, जिसे राज्य अपनी स्थानीय स्थिति के अनुसार अपना सकते हैं.
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बैठक के दौरान पोखरियाल ने बताया कि गृह मंत्रालय ने बुकस्टोर खोलने के लिए लॉकडाउन नियमों में ढील दी है, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए पुस्तकों का लाभ उठा सकें.
मंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय स्वीकृत हैं, लेकिन जमीन की कमी के कारण शुरू नहीं किए जा सकते हैं या कम क्षमता पर चल रहे हैं, उनसे अनुरोध किया जाता है कि भूमि तेजी से हस्तांतरित किए जाएं, ताकि राज्य के बच्चों को इसका लाभ मिल सके.
मंत्री ने सभी राज्यों से अपील की है कि वे बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया शुरू करें, साथ ही सीबीएसई को सभी राज्यों में छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए जरूरी सुविधा देने को भी कहा है .
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बता दें, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री मंगलवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और शिक्षा सचिवों के साथ बातचीत कर रहे थे. उनके साथ राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा मंत्रियों और शिक्षा सचिवों के साथ बातचीत कर रहे थे. सम्मेलन में 22 राज्यों के शिक्षा मंत्रियों एवं 14 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा सचिवों ने भाग लिया.