हर मर्ज की दवा है यह पेड़, छाल-पत्ते और टहनी में छिपा है औषधीय गुण, ब्लड शुगर को भी रखता है कंट्रोल

Agency:News18 Chhattisgarh

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Medicinal Properties of Neem Tree: नीम के पेड़ का हर हिस्सा औषधीय गुणों से भरपूर है. नीम के छाल, टहनी, पत्ते सभी का उपयोग औषधि के तौर पर किया जाता है. नीम के तेल लगाने से स्कीन संबंधी बीमारियों में राहत मिलती है…और पढ़ें

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नीम

नीम के औषधीय गुण 

हाइलाइट्स

  • नीम के पेड़ का हर हिस्सा औषधीय गुणों से भरपूर है.
  • नीम का तेल त्वचा रोगों में राहत देता है.
  • नीम का सेवन शुगर लेवल कम करने में मददगार है.

जांजगीर चांपा: नीम जितना कड़वा होता है, स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उतना ही फायदेमंद है. नीम का पेड़ औसतन 20 से 25 मीटर ऊंचा होता है. यह सदाबहार पेड़ है और इसकी शाखाएं खुरदरी भूरे रंग की होती है. नीम की पत्तियां चमकदार हरे रंग की होती है प्रत्येक सींक पर नव पर्णक थोड़ा मुड़े हुए और उपर से चमकदार नीचे से खुरदरे होते है. इसकी एक टहनी में करीब 12-15 पत्ते पाए जाते है. इसके फूल सफ़ेद रंग के होते हैं. जांजगीर जिला हॉस्पिटल के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. फणींद्र भूषण दीवान ने बताया कि नीम के प्रत्येक भाग में रक्तशोधक गुण भरे पड़े है. नीम स्कीन संबंधी बीमारी को दूर करने में सहायक है और खून को भी साफ करने में मददगार है.

चर्म रोग से राहत दिलाता है नीम का तेल

आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. फणींद्र भूषण दीवान ने बताया कि प्राचीन काल से ही नीम का उपयोग औषधि के तौर पर किया जा रहा है. नीम के पेड़ का छाल, पत्ते, टहनियां सभी औषधि के तौर पर उपयोग में लाया जाता है. खास तौर पर त्वचा के रोगों में इसका प्रयोग किया जा जाता है. नीम के तेल लगाने से त्वचा में खुजली, दाद, या अन्य स्कीन संबंधी बीमारियों में राहत मिलती है. नीम का पत्तों का रस निकालकर पीने से कई बीमारियां दूर होती है. नीम में मौजूद एंटीबायोटिक, एंटीसेफ्टिक गुण ब्लड को साफ करने में सहायक है.

शुगर मरीजों के लिए फायदेमंद है नीम

आयुर्वेद चिकित्सक ने बताया कि नीम के तेल या लेप लगाने पर त्वचा संबंधी रोग दूर होती है. नीम पेट को साफ रखता है, जिससे पूरा शरीर स्वस्थ रहता है. नीम का सेवन शुगर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है. नीम का रोजाना प्रयोग करने से शुगर लेवल कम होता है. नीम का दातुन करने से दांत दर्द में राहत मिलती है और यह मसूढ़े के लिए भी लाभदायक है. इसके सेवन से मसूढ़े में होने वाले इंफेक्शन यानी पायरिया से राहत दिलाता है. नीम के रस का रोजाना सेवन करने से कई तरह की बीमारियां दूर रहती है.

नीम के पेड़ का हर हिस्सा है उपयोगी

नीम के शीतल छाया में विश्राम करने से शरीर स्वस्थ रहता है. संध्याकाल में इसकी सूखी पत्तियों के धूएं से मच्छर भाग जाते हैं. जिससे रात में नीद अच्छी आती है और वातारण भी शुद्ध रहता है. इसकी मुलायम छाल चबाने से हाजमा ठीक रहता है. नीम की पत्तियों को सुखाकर अनाज में रखने से उनमें कीड़े नहीं पड़ते हैं, जिससे अनाज खराब नहीं होता है. नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर स्नान करने से अनेक रोगों से मुक्ति मिल जाती है. सिर से स्नान करने पर बालों की जुएं मर जाती है. नीम की जड़ को पानी में घिसकर लगाने से कील-मुंहासे मिट जाते हैं और चेहरा सुन्दर हो जाता है. नीम के पत्तों का रस खून को साफ करता है और खून बढाता भी है. इसे 5 से 10 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना खाना चाहिए.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


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