छतरपुर जिले के चाचौड़ा तहसील क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां मूर्ति विसर्जन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा ग्राम नवलपुरा के मोड़ के पास हुआ। ट्रॉली पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में ट्रॉली में सवार 11 लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम अजगरा से श्रद्धालु मूर्ति विसर्जन के लिए पार्वती नदी के घाटाखेड़ी घाट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम नवलपुरा के मोड़ के पास ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। अचानक हुए हादसे के बाद ट्रॉली में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को ट्रॉली से बाहर निकालने में मदद की।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस का अमला भी तत्काल सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और घायलों को उपचार के लिए बीनागंज स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हादसे में घायल सभी लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।घटना के बाद बीनागंज स्वास्थ्य केंद्र में भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। एसडीओपी, तहसीलदार चाचौड़ा, थाना प्रभारी और बीएमओ ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की व्यवस्था की निगरानी की।
अधिकारियों की मौजूदगी में चिकित्सकों द्वारा घायलों का उपचार किया गया और जिन लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी, उन्हें आगे रेफर करने की व्यवस्था की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में घायल 11 लोगों में से चार घायलों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल गुना रेफर किया गया है।
वहीं तीन घायलों का उपचार बीनागंज के निजी अस्पताल में जारी है। जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बताया जा रहा है कि घायलों में एक बालक की हालत थोड़ी गंभीर है, जिसके चलते उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। हालांकि, घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
मूर्ति विसर्जन के लिए निकली ट्रॉली के पलटने की घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन द्वारा घायलों के उपचार पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने भी घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई है। राहत की बात यही रही कि हादसा बड़ा होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन की तत्परता और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उन्हें तत्काल उपचार मिल सका।


