छतरपुर की स्थानीय अनगढ़ टौरिया गांव में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के दौरान एक महिला ने सनातन धर्म में विधिविधान के साथ घर वापसी की। करीब 30 वर्ष पूर्व मुस्लिम धर्म अपनाने वाली महिला रानी बेगम ने पुनः हिंदू धर्म स्वीकार करते हुए अपना पुराना नाम शीला यादव रख लिया।
जानकारी के अनुसार शीला यादव ने वर्ष 1995 में एक मुस्लिम युवक से निकाह किया था, जिसके बाद उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया था। निकाह के बाद वे छतरपुर नगरपालिका में पार्षद के पद पर भी रहीं। हालांकि शादी के बाद उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ। समय के साथ उन्होंने अपने मूल धर्म में लौटने की इच्छा जताई।इसके बाद शीला यादव ने विश्व हिंदू सनातन समिति से संपर्क किया। समिति के मार्गदर्शन में अनगढ़ टौरिया में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उनकी विधिवत घर वापसी कराई गई।
इस अवसर पर पंडितों द्वारा शुद्धिकरण, पूजन एवं धार्मिक संस्कार संपन्न कराए गए। घर वापसी के बाद उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह निर्णय उन्होंने पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया है और उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है।शीला यादव का कहना है कि सनातन धर्म उन्हें आत्मिक शांति देता है और यही उनका मूल धर्म है, इसलिए उन्होंने पुनः उसी मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया।
बाइट – शीला यादव (मुस्लिम से हिंदू बनी):“मैंने अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया है। मुझ पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। मुझे अपने धर्म में लौटकर बहुत शांति महसूस हो रही है।”
बाइट – सौरभ तिवारी (पंडित):“पूरी विधि-विधान और वैदिक परंपरा के अनुसार शुद्धिकरण एवं संस्कार कराकर सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई है।”इस कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोग और समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।


