टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने की चर्चा के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने यह फैसला कायम रखा, तो इसका नुकसान सिर्फ मौजूदा टीम को नहीं बल्कि पूरी एक पीढ़ी और देश के क्रिकेट भविष्य को भुगतना पड़ेगा।
कपिल देव ने कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीति या छवि तक सीमित नहीं है। ऐसे फैसलों का सीधा असर युवा खिलाड़ियों के करियर, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र और क्रिकेट के विकास पर पड़ता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह निर्णय खिलाड़ियों की सहमति से लिया गया है, तो खिलाड़ियों को सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए। लेकिन अगर बोर्ड स्तर पर खेल से इनकार किया जाता है, तो इससे देश की साख गिरती है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर गलत संदेश जाता है।
कपिल देव के मुताबिक, खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा मैदान पर होनी चाहिए, न कि बहिष्कार और टकराव के जरिए। उन्होंने आगाह किया कि ऐसे कदमों से पाकिस्तान की युवा पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय अवसरों से वंचित रह जाएगी, जिसका असर लंबे समय तक दिखाई देगा।
भारत-पाकिस्तान मुकाबला क्रिकेट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। ऐसे में इस पर अनिश्चितता न सिर्फ दर्शकों बल्कि टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा के लिए भी नुकसानदेह है। कपिल देव के बयान के बाद इस मुद्दे पर क्रिकेट जगत में बहस और तेज हो गई है।


