भूख और प्यास से व्याकुल होकर भीषण गर्मी में भोजपुर के कीरतनगर के पास गुफा में जा बैठा जंगल का राजा बाघ

रायसेन इन दिनों भीषण गर्मी के बीच 45 डिग्री से ऊपर चल रहे तापमान के दौरान जिले के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल भोजपुर मंदिर क्षेत्र के तहत आने वाले कीरतनगर के पास जंगल की पहाड़ी में बनी गुफा में जाकर एक बाघ भीषण गर्मी में भूख और प्यास से व्याकुल होकर बेतवा नदी में पानी की तलाश में एक पहाड़ी की गुफा में जा बैठा और वहां बैठकर प्यास के कारण दहाड़ना शुरू कर दिया बाघ की दहाड़ सुनकर आसपास के ग्रामीण लोगों में इस बात की चर्चा चल पड़ी की।

बाघ अपनी प्यास बुझाने के लिए पहाड़ी की गुफा में बैठकर दहाड़ रहा है। ग्रामीण इस बात को समझ गए की इन दिनों भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और जंगली क्षेत्र से जंगली जानवर पानी की तलाश में मैदानी क्षेत्रों में निकलने लगे हैं। ठीक इसी प्रकार की स्थिति कीरतनगर के ग्रामीणों को देखने को मिली जब समीपस्थ बेतवा नदी में प्यास बुझाने के लिए जंगल के रास्ते से होकर कीरत नगर की पहाड़ी पर एक गुफा में बाघ जा बैठा और वहीं से दहाड़ लगना शुरू कर दिया उसकी इतनी तेज आवाज थी कि ग्रामवासियों के कान तक पहुंच रही थी बाघ की आवाज सुनकर ग्रामीण और आम राहगीर भी चिंतित हो गए कहीं ऐसा न हो कि बाघ गांव की ओर मूवमेंट कर दे।

पूरे समय ग्रामीण उस पर नजर रखे रहे दूर से ही कुछ ग्रामीणों ने बाघ का वीडियो भी बना लिया। बाघ के मूमेंट की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई। कीरत नगर के ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर आसपास की जंगल की पहाड़ी से जंगली जानवर भीषण गर्मी के दिनों में अपनी प्यास बुझाने के लिए बेतवा नदी की ओर विचरण करने आते रहते हैं कई बार लोगों को जंगली जानवर दिखते भी हैं।

इस समय जंगली क्षेत्र से कई जानवर से सियार,तेंदुआ, हिरन, आदि कई जानवरों ऐसे हैं जो अपनी प्यास बुझाने के लिए बेतवा नदी के आसपास ज्यादा देखे जाते हैं परंतु कीरत नगर की पहाड़ी पर पहली बार ग्रामीणों को ऐसा दृश्य देखने को मिला कि पहाड़ी की गुफा में आकर जब बाघ बैठकर और जोर-जोर से दहाड़ मारने लगा इससे ग्रामीणों ने सहज ही अंदाजा लगा लिया कि बाघ प्यासा है और भूख प्यास से परेशान होकर दहाड़ मार रहा है, देखते ही देखते वह पहाड़ी की गुफा से होकर बेतवा नदी की ओर जाता हुआ दिखाई दिया इसके बाद पता नहीं वह पास के ही जंगल क्षेत्र में विचारण के लिए चला गया हो परंतु जंगल के राजा की चर्चाओं का दौर भोजपुर के आसपास के कई गांव में चल पड़ा है।

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