राजगढ़ ,,, राजगढ़ जिले के ब्यावरा में पहली बार आयोजित किन्नर महासम्मेलन सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक जागरण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का सशक्त मंच बना। विट्ठल वाटिका में हुए इस आयोजन में देशभर से आए किन्नर जगद्गुरु, महामंडलेश्वर और संतों ने समाज को एकता, सेवा और धर्म का संदेश दिया।महासम्मेलन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान और संत सम्मेलन जैसे कार्यक्रम संपन्न हुए। जगद्गुरु काजल मां के सान्निध्य में राजगढ़ की किन्नर गुरु मां मीना नायक को विधिवत महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर संतों और श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया। इस आयोजन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 50 से अधिक लोगों की सनातन धर्म में घर वापसी रही। संतों ने इसे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए महामंडलेश्वरों और किन्नर अखाड़े के प्रतिनिधियों ने धर्म, संस्कृति और समाज सेवा पर अपने विचार साझा किए। महासम्मेलन के तहत विट्ठल वाटिका में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भी आयोजन किया जा रहा है। विश्व की दूसरी किन्नर कथावाचक हेमलता मां द्वारा कथा का वाचन किया जा रहा है। उनकी वाणी और कंठस्थ भागवत कथा सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। भव्य शोभायात्रा महासम्मेलन का सबसे आकर्षक आयोजन रही। सुठालिया रोड स्थित एक निजी विद्यालय से प्रारंभ हुई इस यात्रा में 10 से अधिक सुसज्जित बग्गियां शामिल थीं, जिन पर धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां सजाई गई थीं। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयघोषों के बीच निकली यात्रा ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर संतों एवं किन्नर समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। संतों की एक झलक पाने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।


