*Ujjain**जय श्री राम’ पर चुप्पी और सलाम वालेकुम पर तुरंत जवाब; आईफोन की तकनीक पर उज्जैन में उठा बड़ा विवाद* ज्योतिषाचार्य और विहिप ने दी बहिष्कार की चेतावनी एप्पल कंपनी पर लगाया धार्मिक भेदभाव का आरोप*बजरंग दल ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को लिखा पत्र एप्पल फोन में फीचर्स सुधार की की मांग* करोड़ों आईफोन यूजर्स के देश में ‘Siri’ के जवाबों पर खड़ा हुआ सियासी बवंडर,उज्जैन
से उठी बहिष्कार की मांगउज्जैन दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनी एप्पल का वॉइस असिस्टेंट ‘सिरी’ (Siri) इस समय उज्जैन के संतों, विद्वानों और हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर आ गया है। उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित पवन पाठक ने आईफोन के इस फीचर पर धार्मिक पक्षपात और भेदभाव का गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मामले में अब विश्व हिंदू परिषद और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर भी कूद पड़े हैं, जिससे विवाद लगातार गरमाता जा रहा है।
धार्मिक आस्था के अपमान और पक्षपात का आरोपज्योतिषाचार्य पंडित पवन पाठक ने एप्पल कंपनी की तकनीक पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा मानसिकता का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि भारत में आईफोन के करोड़ों उपभोक्ता हैं और यह कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा बाजार है, लेकिन इसके बावजूद सिरी में हिंदू धर्म की आस्था का सम्मान नहीं किया जा रहा है। पंडित पाठक ने दावा किया कि जब सिरी के सामने ‘जय श्री राम’ या ‘जय माता दी’ जैसे पवित्र उद्घोष किए जाते हैं, तो वह कोई सटीक जवाब नहीं देती या पूरी तरह शांत रहती है। इसके विपरीत, दूसरे धर्म के पारंपरिक अभिवादनों जैसे ‘सलाम वालेकुम’ पर सिरी तुरंत और स्पष्ट प्रतिक्रिया देती है। उन्होंने इस तकनीकी विसंगति को खुद 10 से 15 आईफोन में जांचने के बाद यह बड़ा दावा किया है।
उन्होंने कंपनी को अपनी डेटा फीडिंग में सुधार करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो उपभोक्ताओं को आईफोन का पूरी तरह से बहिष्कार करना चाहिए।विश्व हिंदू परिषद ने की आईफोन स्टोर्स बंद करने की मांगमामले को गंभीरता से लेते हुए विश्व हिंदू परिषद जिला उज्जैन ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। विहिप ने इस विषय में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने पुरजोर मांग उठाई है कि जब तक कंपनी इस तकनीकी खामी को दूर नहीं करती, तब तक प्रदेश में संचालित हो रहे आईफोन के सभी स्टोर्स को जल्द से जल्द बंद कराया जाना चाहिए। धार्मिक नगरी उज्जैन से उठी विरोध की यह चिंगारी अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है।


