इंदौर में फिर होगा 21 लाख पौधों का महाअभियान, बड़े पौधों पर रहेगा जोर, तो वही इंदौर के विकास को अनदेखा करने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखे पत्र को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा चेप्टर खत्म हो गया : कैलाश विजयवर्गीय
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर को एक बार फिर वृक्षारोपण में देश का नंबर-1 शहर बनाने के लिए आने वाले दिनों में 21 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इस अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर चर्चा हुई।विजयवर्गीय
ने बताया कि इस अभियान में सरकारी कार्यालयों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न समाजों, उद्योग घरानों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार केवल पौधे लगाने पर नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे पितृ पर्वत क्षेत्र को हरित बनाया गया, उसी तरह देव गुराड़िया टेकरी पर भी एक लाख पौधे लगाए जाएंगे।उन्होंने उद्योग समूहों और एनजीओ से अपील करते हुए कहा कि वे 5 से 10 फीट ऊंचाई वाले पौधे उपलब्ध कराएं, ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे।मंत्री
ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने और अच्छी वर्षा के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण जरूरी है।जल संरक्षण पर जोर देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि बचपन में 100 फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था, लेकिन आज 700 फीट तक जाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। इसका कारण वर्षा जल का संरक्षण नहीं करना है।
उन्होंने कहा कि 1500 वर्गफुट के मकान मालिक भी 5 से 7 हजार रुपये खर्च कर वर्षा जल को जमीन में उतारने की व्यवस्था करें।उन्होंने बताया कि नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर अनुमति संबंधी प्रक्रिया आसान की है। वहीं, वन विभाग ने भी इस वर्ष पौधारोपण अभियान में सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि वन विभाग के पास छोटे पौधे हैं तो उन्हें बड़े पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा, “वह अध्याय अब खत्म हो गया है।
“बाइट – कैलाश विजयवर्गीय , मंत्री , इंदौर


