रीवा के शासकीय गांधी स्मारक चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए, और जिम्मेदार नर्सों और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने एनेस्थीसिया के ओवरडोज का भी आरोप लगाया है, घटना की जानकारी लगने के बाद मनगंवा विधायक भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में परिजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच चली घंटों की बैठक के बाद फिलहाल दो नर्सों को निलंबित कर दिया गया है, और मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
दरअसल रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र की रहने वाली कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त को डिलीवरी के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही, स्टाफ के अभद्र व्यवहार और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण 26 अगस्त की रात जच्चा और बच्चा दोनों की दुखद मौत हो गई। इस खबर के बाद परिजनों ने गुरुवार सुबह से अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठकर जमकर हंगामा करते हुए कार्यवाही की मांग की।
मामले की जानकारी लगने के बाद मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति भी अस्पताल पहुंच गए, उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया। और अस्पताल प्रबंधन के साथ इस मामले को लेकर परिजनों के साथ घंटों चर्चा की, और परिजन अपनी मांगों को रखा। फिलहाल इलाज में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने और परिजनों से दुर्व्यवहार के आरोपों में, दो नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विभागाध्यक्षों की एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है, जांच रिपोर्ट के बाद अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।


