गर्भवती महिला से मारपीट के आरोपों पर किरनापुर पुलिस पर एसपी का बड़ा एक्शन, थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

बालाघाट के किरनापुर थाने में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली शिकायत के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने बड़ा एक्शन लिया है। चोरी के आरोपी से नियम विरुद्ध पूछताछ, जबरन अपराध कबूल करवाने और मारपीट के आरोपों में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। शिकायत में दो माह की गर्भवती महिला और उसके पति के साथ थाने में कथित मारपीट और कपड़े उतरवाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़ित महिला को ग्रामीण और उसके रिश्तेदार कलेक्टर कार्यालय लेकर पहुंचे थे, जहां मामले की शिकायत अधिकारियों के सामने रखी गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।

किरनापुर पुलिस पर हुई इस कार्रवाई में तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेले, आरक्षक कपिल बघेल और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को निलंबित किया गया है। चारों पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। पूरा मामला 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस से महिला द्वारा 1 लाख 10 हजार रुपये निकालने के बाद 50 हजार रुपये गायब होने से जुड़ा है। रकम गायब होने की शिकायत पर चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान कैलाश चौधरी को आरोपी बनाया गया।

कैलाश चौधरी की शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुलिस उसे घर से उठाकर थाने लाई और नियम विरुद्ध तरीके से पूछताछ करते हुए चोरी कबूल करवाने का दबाव बनाया। शिकायत में मारपीट किए जाने का भी आरोप है। इसी शिकायत में सबसे गंभीर आरोप कैलाश की दो माह की गर्भवती पत्नी और उसके पति से जुड़ा है। आरोप है कि दोनों के साथ थाने में बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई और कपड़े उतरवाए गए। पीड़ित महिला को ग्रामीण और रिश्तेदार कलेक्टर कार्यालय लेकर पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखी। हालांकि इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और इनकी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी आदित्य मिश्रा ने तत्काल चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। अब डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में गठित एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी। टीम को दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

एसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा है। अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि किरनापुर थाने में वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं।

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