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Bhupesh Baghel: आमतौर पर राजनीति में नेता एक-दूसरे पर कई मंचों पर आरोप लगाते रहते हैं. लेकिन किसी विषय पर एक ही मंच पर आकर बहस करें. ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है. अब छत्तीसगढ़ में एक अलग ही नजारा देखने को मिला है, जब उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच एक ही मंच पर तीखी बहस देखने को मिली. इस बहस ने राजनीति का पारा बढ़ा दिया है.
भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच तगड़ी बहस
Bhupesh Baghel vs Vijay Sharma: छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंगलवार को एक दुर्लभ और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के मुद्दे पर रायपुर प्रेस क्लब में सीधे बहस हुई और दोनों नेता अचानक मंच पर पहुंच गए. उपमुख्यमंत्री के द्वारा दी गई सार्वजनिक चुनौती को स्वीकार करते हुए भूपेश बघेल डिबेट के लिए प्रेस क्लब पहुंचे. लगभग 1 घंटे 20 मिनट तक चली इस सीधी चर्चा में आंकड़ों, दावों और सियासी आरोपों का तीखा मुकाबला देखने को मिला.
प्रेस क्लब के बाहर हंगामा और गहमागहमी
दोनों दिग्गजों की इस डिबेट के चलते प्रेस क्लब के बाहर सुबह से ही हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां जमा हो गए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस प्रशासन के साथ तीखी बहस हुई, जब उन्हें प्रेस क्लब परिसर में जाने से रोका गया. भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू किया.
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सामने रखे आंकड़े
डिबेट में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आंकड़ों का ब्योरा रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में सबसे अधिक पीएम आवास का निर्माण कर रिकॉर्ड बनाया है. विजय शर्मा ने दावा किया कि केंद्र की मदद से राज्य में 17.75 लाख आवास पूर्ण किए गए हैं. भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में 16000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में 5 वर्षों के दौरान सिर्फ 3900 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति से 3 लाख आवास ही पूरे हो पाए थे. केवल प्रधानमंत्री नाम जुड़ा होने के कारण पिछली कांग्रेस सरकार ने गरीबों के मकान के लक्ष्य और पोर्टल को स्वीकार नहीं किया.
भूपेश बघेल ने स्वीकारा सच
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार के दावों को आंकड़ों की जादूगरी बताया. बघेल ने कहा कि कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों का वाजिब फंड रोक रखा था और केंद्रीय पोर्टल बंद थे. इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 6 लाख से अधिक मकानों की मंजूरी दी और लाखों मकान पूर्ण कराए. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार 46 लाख से अधिक आवास स्वीकृत करने का दावा कर रही है. इतने तो छत्तीसगढ़ में मकान नहीं हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले इंदिरा आवास में केंद्र पूरी राशि देता था, लेकिन अब पीएम आवास जैसी योजनाओं में 60% केंद्र और 40% राज्य का अंश होता है, जिससे राज्यों के बजट पर भारी वित्तीय भार पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमने पीएम आवास नहीं बनाए. इसी वजह से जनता ने हमें सजा दी.
बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के आंकड़ों को गलत ठहराया. जहां विजय शर्मा ने कहा कि जनता के सामने स्थिति साफ करने के लिए कहा कि यह एक स्वस्थ परंपरा है. वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि अगर कांग्रेस से कोई कमी रही थी, तो जनता ने उन्हें चुनाव में उसका जवाब दे दिया.
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गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…
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