दतिया। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर दतिया में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। अब दतिया को पूरी तरह से हाई-टेक सर्विलांस सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेजी से शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों का पैदल भ्रमण कर मैदानी हालात का जायजा लिया और सुरक्षा तंत्र की रूपरेखा तैयार की। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर के हर प्रमुख कोने को तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाना है, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व या संदिग्ध गतिविधि को तुरंत दबोचा जा सके। पुलिस प्रशासन की इस पहल से न केवल यातायात नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि शहर के नागरिकों को भी एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सकेगा। एसडीओपी और ट्रैफिक प्रभारी ने संभाली कमानमंगलवार दोपहर को एसडीओपी आकांक्षा जैन और ट्रैफिक प्रभारी हिमांशु तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस दल ने शहर के प्रमुख व्यस्त इलाकों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने उन तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं और डार्क स्पॉट्स की पहचान की जहाँ सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे होना अति आवश्यक है। अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर तकनीकी कमियों को परखा और कैमरों की स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त स्थानों का चयन किया। इस दौरान पुलिस टीम ने तलैया मोहल्ला, बड़ा फव्वारा, अस्पताल चौराहे के पीछे का हिस्सा, राजघाट कॉलोनी, राजघाट चौराहा और दवाखाना चौराहा सहित शहर के कई संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया। जनसहयोग से बनेगी सुरक्षा की मजबूत दीवारइस सर्विलांस अभियान का सबसे अनूठा पहलू ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ यानी जनसहयोग पर जोर देना है। पुलिस प्रशासन ने केवल सरकारी संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय दुकानदारों, व्यापारिक संघों और नागरिकों से आगे आने की अपील की है। पुलिस ने आग्रह किया है कि शहर के सभी व्यापारी और मकान मालिक अपने प्रतिष्ठानों और घरों के बाहर अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। प्रशासन का निर्देश है कि इन कैमरों का रुख सड़क और मुख्य प्रवेश मार्ग की ओर होना चाहिए ताकि आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर आसानी से नजर रखी जा सके। साथ ही, दुकानदारों से यह भी अपील की गई है कि वे अपने कैमरों को लगातार चालू रखें और उनकी रिकॉर्डिंग का बैकअप सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस को त्वरित साक्ष्य मिल सकें। अपराध अनुसंधान और त्वरित खुलासे में मिलेगी मददआधुनिक दौर में अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं, ऐसे में पुलिस के लिए पारंपरिक गश्त के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्य जुटाना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब शहर का कोना-कोना कैमरों की नजर में होगा, तो चेन स्नेचिंग, वाहन चोरी, छेड़खानी और अन्य आपराधिक वारदातों के खुलासे में चंद घंटों का समय लगेगा। आरोपियों की पहचान करना आसान होगा और अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकेंगे। दतिया पुलिस की इस दूरदर्शी पहल से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई है। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। आने वाले दिनों में दतिया की सुरक्षा व्यवस्था एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगी।


