दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी में मानसिंह रावत की निर्मम हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई है। घर से ले जाकर लाठी-डंडों से पीटने का गंभीर आरोपमृतक के भाई दीपक रावत द्वारा एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में यह सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि 21 सितंबर को आरोपी मानसिंह को उनके घर से जबरन उठाकर ले गए थे। इसके बाद बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ मारपीट की गई। इस वीभत्स मारपीट और प्रताड़ना के कारण मानसिंह की मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद से ही सभी आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। इन आरोपियों के खिलाफ की गई है सख्त कार्रवाई की मांगदीपक रावत और अन्य परिजनों ने पुलिस प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कई लोगों को नामजद किया है। जिन लोगों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है, उनमें बीरसिंह रावत, उदयभान रावत, अंकित रावत, भटुल्ली उर्फ विक्रम रावत, आशाराम रावत, बब्लू रावत, राहुल रावत, रामेश्वर रावत और मर्डन रावत शामिल हैं। परिजनों का कहना है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। राजीनामा का दबाव और झूठे केस में फंसाने की धमकीमामले में नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों की ओर से लगातार उन पर समझौते यानी राजीनामा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। दीपक रावत ने बताया कि आरोपियों के करीबियों द्वारा उन्हें धमकी देकर डराया जा रहा है तथा फर्जी व झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। परिवार और गवाहों के लिए सुरक्षा की मांगघटना के बाद से डरे-सहमे पीड़ित परिवार ने अपनी और इस मामले से जुड़े सभी गवाहों की जान को गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने परिजनों की बात को ध्यान से सुना और मामले में निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई करने का पूर्ण आश्वासन दिया है।


