छतरपुर/खजुराहो। पर्यटन नगरी खजुराहो से ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की बड़ी खबर सामने आई है। यहां विश्व धरोहर स्मारक समूह में शामिल जनवारी मंदिर में स्थापित 11वीं सदी की चंदेलकालीन भगवान विष्णु की क्षतिग्रस्त प्रतिमा को उसका सिर वापस लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।बताया जा रहा है कि करीब सात फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा लंबे समय से बिना सिर के अवस्था में थी। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने प्रतिमा के सिर को दोबारा स्थापित करने की दिशा में काम शुरू किया है।ASI की पीआरओ एवं ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल डॉ. नंदिनी भट्टाचार्य के मुताबिक, प्रतिमा के पुनर्स्थापन को लेकर प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है। हालांकि, सिर को दोबारा लगाने से पहले प्रतिमा की स्थिति, उपलब्ध अवशेष और संरचनात्मक मजबूती समेत जरूरी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। इसके बाद विशेषज्ञों की प्रक्रिया के तहत प्रतिमा का पुनर्स्थापन किया जाएगा।इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है, जिसके चलते यह प्रतिमा लंबे समय से चर्चा में रही है। अब ASI की ओर से पुनर्स्थापन की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद उम्मीद बढ़ी है कि सदियों पुरानी इस चंदेलकालीन प्रतिमा को उसका मूल स्वरूप वापस मिल सकेगा।खजुराहो की ऐतिहासिक मंदिर स्थापत्य कला और प्राचीन मूर्तिकला के लिहाज से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में तकनीकी जांच और विशेषज्ञों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को पुनः पूर्ण स्वरूप में स्थापित किए जाने की दिशा में आगे की कार्रवाई होगी।


