सिवनी जिले के लिए गौरव का विषय है कि सिवनी की माटी में जन्मे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को उनकी नियुक्ति की घोषणा की। इस खबर के सामने आने के बाद सिवनी स्थित उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
डॉ. बिसेन की नियुक्ति से मध्यप्रदेश के साथ सिवनी जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। वे उत्तराखंड के निवर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे। राष्ट्रपति की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, नियुक्ति संबंधित राज्यपाल द्वारा पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।पिपरिया में हुआ जन्म, चिकित्सक से बने राजनेताडॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सेवकराम बिसेन और माता का नाम सोनाबाई बिसेन था।
राजनीति में आने से पहले वे चिकित्सा और कृषि क्षेत्र से जुड़े रहे। उन्होंने रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज से आयुर्वेद एवं चिकित्सा संबंधी व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त की।चार बार विधायक, दो विभागों के रहे कैबिनेट मंत्रीडॉ. बिसेन ने बरघाट विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1990, 1993, 1998 और 2003 में विधायक निर्वाचित होकर चार बार मध्यप्रदेश विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2003 से 2004 तक उन्होंने राज्य सरकार में वन, परिवहन एवं खनिज विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद वर्ष 2004 से 2005 तक वे स्कूल शिक्षा एवं जेल विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे।सांसद से राज्यपाल तक का सफरवर्ष 2012 से 2013 के दौरान डॉ. बिसेन मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर बालाघाट संसदीय क्षेत्र से जीत दर्ज की और 17वीं लोकसभा के सदस्य बने। संसद में उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण, वन एवं स्वास्थ्य से संबंधित समितियों में भी काम किया।उनकी पत्नी का नाम भानुमति बिसेन है। उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।
संवैधानिक पद पर नई जिम्मेदारीराज्यपाल का पद भारतीय संविधान के तहत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। राज्यपाल राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के संरक्षण और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. बिसेन की नियुक्ति को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद मिली नई जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। सिवनी जिले के लोगों को उम्मीद है कि इस उपलब्धि से जिले की पहचान और प्रतिष्ठा को नई मजबूती मिलेगी।


