दतिया में 5 हजार रुपए के उधार पर फायरिंग का आरोप, पिता-पुत्र ने छत पर भागकर बचाई जान; वीडियो वायरल

दतिया। सेवढ़ा थाना क्षेत्र के सिरसा गांव में महज 5 हजार रुपए के उधार को लेकर हुए विवाद में पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। घटना सोमवार दोपहर की है, जिसका वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

धान में डालने के लिए उधार ली थी दवासिरसा निवासी 53 वर्षीय बिल्लू उर्फ अरुण कुमार तिवारी ने पुलिस को बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे वह अपने बेटे प्रदीप तिवारी के साथ घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान गांव के नवल किशोर व्यास, उसका बेटा सत्यम व्यास, भतीजा सक्षम व्यास और अभिषेक व्यास वहां पहुंचे। चारों ने धान की फसल में डालने के लिए उधार दिलाई गई कीटनाशक दवा के 5 हजार रुपए मांगे। फरियादी ने कहा कि धान की फसल बिकने के बाद रुपए दे देंगे। आरोप है कि इसी बात पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।

कट्टा-अधिया निकालकर की फायरिंगफरियादी के अनुसार, विवाद के दौरान सक्षम व्यास ने नवल और सत्यम से कट्टा-अधिया निकालकर गोली मारने के लिए कहा। इसके बाद नवल ने फायरिंग कर दी। फरियादी का दावा है कि एक गोली उसकी बाईं कनपटी के पास से और दूसरी सिर के ऊपर से निकल गई। इससे वह और उसका बेटा बाल-बाल बच गए।

छत पर भागकर बचाई जानजान बचाने के लिए पिता-पुत्र घर के अंदर भागे और छत पर पहुंच गए। आरोप है कि नवल और सत्यम ने छत की ओर भी गोलियां चलाईं, जो वहां बनी बाउंड्री में लगीं। वहीं, सक्षम और अभिषेक ने गुम्मे (ईंट-पत्थर) के टुकड़े फेंककर हमला किया।धमकी देकर लौटे आरोपी, डर में रहे पिता-पुत्रफरियादी ने राहुल तिवारी और अनुज तिवारी को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया है। शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद चारों आरोपी दोबारा जान से खत्म करने की धमकी देते हुए वहां से चले गए।

डर के कारण पिता-पुत्र घर में ही रहे।वीडियो वायरल होने पर पुलिस सक्रियघटना से जुड़ा वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ। पुलिस को दी गई शिकायत में फरियादी ने चार लोगों पर फायरिंग कर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। सेवढ़ा एसडीओपी दिव्या राजावत ने बताया कि आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

छोटे विवाद, बड़े नतीजेग्रामीण इलाकों में उधारी और लेन-देन के छोटे विवाद अक्सर हिंसा का रूप ले लेते हैं। इस मामले में भी मात्र 5 हजार रुपए की रकम पर बात गोलियां चलने तक पहुंच गई। अब पुलिस जांच से ही साफ होगा कि घटना के वास्तविक तथ्य क्या हैं और गोलीबारी में किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ।

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