मध्य प्रदेश के देवास में लोकायुक्त ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC इंदौर), इंदौर में पदस्थ देवास निवासी प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर बड़ी सर्च कार्रवाई की है।सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। लोकायुक्त की अब तक की जांच में 33 अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 29 करोड़ 73 लाख रुपये आंका गया है। वहीं, ज्ञात आय से लगभग 11 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है।लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने 14 अक्टूबर की सुबह प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के देवास स्थित आवास सहित कुल 15 स्थानों पर सर्च कार्रवाई की।
लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी की कुल आय लगभग 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार रुपये आंकी गई है, जबकि अब तक की जांच में करीब 12 करोड़ 95 लाख 72 हजार रुपये का व्यय सामने आया है। यह आय से लगभग 11 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपये अधिक है। लोकायुक्त ने इसे 568 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति बताया है।जांच के दौरान आरोपी, उसके परिजनों, परिचित महिला और विभिन्न फर्मों के नाम पर कुल 33 अचल संपत्तियों का पता चला है। इन संपत्तियों की खरीद पर लगभग 11 करोड़ 57 लाख 49 हजार रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 29 करोड़ 73 लाख रुपये आंका गया है।इसके अलावा, ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित लगभग 9 वाहनों के दस्तावेज मिले हैं। इंदौर, उज्जैन और देवास के बैंकों में करीब 21 बैंक खाते भी सामने आए हैं।
लोकायुक्त की जांच में साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की कंपनियों का भी पता चला है। संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, बैंक खातों से राशि निकालने पर रोक लगाई गई है।लोकायुक्त के मुताबिक, फिरोज खान से जुड़ी इन्दौर की एक महिला रोशनी वर्मा के नाम पर करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का पंजीकृत एग्रीमेंट कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।फिलहाल देवास और इंदौर स्थित कुछ ठिकानों पर सर्च कार्रवाई जारी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है। मामले में आगे की जांच जारी है।


