बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत बालाघाट में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर अन्नदाताओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बालाघाट जिले में विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने बताया कि चिन्नौर चावल के लिए प्रसिद्ध बालाघाट जिले ने इस वर्ष 60 लाख क्विंटल धान उपार्जन कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले के 1.29 लाख से अधिक किसानों को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों के लिए 876 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है।
डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 36 दुग्ध समितियों को पुनः शुरू किया जा रहा है। नए मिल्क रूट के माध्यम से दुग्ध संग्रहण 3,500 लीटर से बढ़कर 10 हजार लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है। इसे भविष्य में 50 हजार लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाकर किसानों की आय एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर दिया।
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