कोरोना वायरस से संक्रमित होने का सबसे ज्यादा खतरा डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मियों को होता है, क्योंकि वह दिन रात मरीजों के इलाज में लगे रहते हैं. ऐसे में इलाज के दौरान न चाहते हुए भी उन्हें मरीजों के संपर्क में आना पड़ता है.
इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए कुछ इंजीनियरिंग छात्रों और फैकल्टी के ग्रुप ने एक नर्सिंग रोबोट बनाया है. जो कोरोना वायरस पीड़ितों की इलाज में मदद करेगा. इस रोबोट को बनाने का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों और कोरोना के मरीजों के बीच संपर्क को कम करने का है.
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ये रोबोट अरुपदई विदु इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (AVIT) चेन्नई, विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन के छात्रों और फैकल्टी ने बनाया है. इस रोबोट का नाम V2 Buddy रखा गया है.
बता दें, कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टर और स्टाफ लगातार उनके संपर्क में आते हैं, ऐसे में उनके भी इस वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. मरीजों के इलाज के दौरान रोबोट की मदद स्वास्थ्यकर्मी ले सकते हैं.
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क्या है रोबोट की खासियतें
-V2 Buddy नर्सिंग रोबोट, कोविड-19 रोगियों के शरीर के तापमान स्तर की जांच कर सकता है.
-ये मरीजों को दवा और खाना देने का काम कर सकता है.
-इस रोबोट के माध्यम से डॉक्टर और नर्स वीडियो और ऑडियो के जरिए मरीजों से बातचीत कर सकते हैं. उन्हें मरीजों के पास जाने की जरूरत नहीं है.
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-इस रोबोट का प्रदर्शन विनायका मिशन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एम्स सलम में किया गया है.
-रोबोट को स्मार्ट फोन में इंस्टॉल किए गए ऐप के माध्यम से दूर से ही कंट्रोल किया जा सकता है. वहीं इसके माध्यम से मरीज भी जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्यकर्मियों से बात कर सकता है.

